बताया गया कि काफी प्रयास के बाद इस गिरोह से उनकी टीम के सदस्य ने चार दिन पूर्व ग्राहक बनकर दो महिलाओं का भ्रूण परीक्षण करने के लिए संपर्क किया। गिरोह के सदस्य ने उनसे 70 हजार रुपये पहले मांगे। भ्रूण परीक्षण करने के लिए कौन सा दिन तय होना है, इसके लिए बाद में बताने के लिए कहा गया।
सोमवार सुबह भ्रूण परीक्षण करने वाले गिरोह के सदस्यों ने कॉल कर उन्हें जानी गंगनहर के पास पैसे लेकर भ्रूण परीक्षण के लिए बुलाया। सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम दो पुलिस कर्मियों के साथ भ्रूण परीक्षण करने वाले गिरोह को मौके पर पकड़ने के लिए लग गई। दोपहर बाद एक ब्रेजा कार से भ्रूण परीक्षण करने वाले गिरोह के सदस्य जानी गंगनहर पुल के पास गांव टिकरी के रास्ते पर पहुंचे। वह कार में अल्ट्रासाउंड मशीन लिए थे। तय रुपये लेने के बाद वह एक महिला का अल्ट्रासाउंड करने लगे। इस बीच हरियाणा की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। टीम को देखकर आरोपी मौके से भागने लगे।
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जानी थानाध्यक्ष प्रजंत त्यागी ने बताया कि डॉ. सुमित कौशिक ने चारों के खिलाफ नामजद घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पकड़े गए आरोपियों से 35 हजार रुपये, एक लैपटॉप बरामद किया गया है। फरार नरेंद्र की तलाश की जा रही है।
भ्रूण परीक्षण के मामले में कब-कब पकड़े गए आरोपी
21 जून 2023- सकौती में दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
8 जून 2023- ईव्ज चौराहे पर भ्रूण जांच सेंटर खुलासा, मशीनें बरामद
14 जून 2019- मेडिकल थाना क्षेत्र से दो लोग गिरफ्तार, 10 हजार रुपये बरामद
ऐसे पकड़ती है स्वास्थ्य विभाग की टीम
भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करता है। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी, उसे एक लाख रुपये दिए जाते हैं। जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाएगा या जाएगी उसे 40 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों को समान कैद और जुर्माना हो सकता है।