दामाद के हमले में ससुर की मौत हो गई। आरोपी दामाद रुपये गायब होने के मामले को लेकर अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। ससुर बेटी को बचाने के लिए बीच बचाव कर रहा था, तभी उस पर भी दामाद ने हमला कर दिया, जिससे ससुर की मौत हो गई। सीओ और इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। मृतक के पुत्र ने अपने पिता की मौत को इत्तेफाकिया बताकर किसी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है, जबकि हमलावर दामाद फरार हो गया।
मुजफ्फरनगर में मीरापुर-खतौली मार्ग पर स्थित गांव चुड़ियाला में घुमंतू जाति के लोग डेरा डालकर रहते हैं। गांव के निकट इस्लाम (62) पुत्र जलालुदीन अपने परिवार के साथ रह रहा था। दो वर्ष पूर्व इस्लाम ने अपनी बेटी मुनीजा का निकाह गांव चौरावाला निवासी साहिबे आलम उर्फ चोनी के साथ किया था। बाद में साहिबे आलम भी अपनी पत्नी और परिजनों के साथ अपने ससुर के डेरे के निकट ही रहने लगा था।
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बताया गया कि इस्लाम ने अपनी बेटी को 14 हजार रुपये बतौर सहायता के लिए दिए थे। आरोप है कि मुनीजा के घर में रखे 14 हजार रुपये किसी ने चोरी कर लिए। इसी दौरान मुनीजा के पति साहिबे आलम ने उससे रुपये मांगे, तो मामले का भेद खुला। चोरी की आशंका को लेकर मंगलवार शाम करीब चार बजे पति-पत्नी के बीच मारपीट हो गई। इस मारपीट को देख मुनीजा का पिता इस्लाम भी बीच बचाव करने के लिए मौके पर पहुंच गया। आरोपी दामाद ने ससुर इस्लाम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में इस्लाम की मौत हो गई।
बता दें कि दामाद ने ससुर की मौत के बाद अपनी पत्नी मुनीजा पर भी हमला किया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। ससुर की हत्या किए जाने की सूचना पर सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। गंभीर रूप से घायल मुनीजा को उपचार के लिए जानसठ सीएचसी भिजवाया। इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक के पुत्र रिहान ने अपने पिता की मौत पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने की तहरीर दी है। तहरीर में रिहान ने कहा कि घटना इत्तेफाकिया है और इसमें किसी का कोई दोष नहीं है और न ही वह कोई कानूनी कार्रवाई चाहते हैं। पुलिस ने अपनी ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की है।
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