बिजनौर आनलाइन पढ़ाई से बच्चों में मनोवैज्ञानिक बदलाव हो रहा है। एकाकीपन बढ़ रहा है। बच्चे मोबाइल से चिपके रहते हैं। बच्चों के मनोवैज्ञानिक प्रवृत्ति बदल रही है। शासन ने बच्चों के स्वभाव में आ रहे परिवर्तन पर शैक्षिक व मनोवैज्ञानिक सलाह देने के लिए जिले से लेकर राज्य तक मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला स्थापित की हैं।
कोरोना संक्रमण में स्कूल बंद हैं। बच्चे घरों पर हैं। शासन ने लॉकडाउन में पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए आनलाइन पढ़ाई शुरू की है। यूपी बोर्ड के स्कूलों के छात्रों की दूरदर्शन से पढ़ाई हो रही है। शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चे मोबाइल पर तरह-तरह के फीचर फिल्म देखने या गेम खेलने में लगे रहते हैं। हर समय मां-बाप साथ नहीं रह सकते।
मोबाइल नहीं देखने के लिए कहने पर बच्चों का आक्रामक स्वभाव हो जाता है। वे चिड़चिड़े हो रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि छात्र-छात्राओं की शैक्षिक, व्यावसायिक तथा मनोवैज्ञानिक समस्याओं का निराकरण करने के लिए जिला तथा राज्य स्तर पर मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
इनमें काउंसिलिंग के लिए मनोवैज्ञानिक नियुक्त किए गए हैं। जिले पर कैलाश चंद भूगोल प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर समेत दो लोग हैं। राज्य मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला का टोल फ्री नंबर 18001805311 है। अभिभावक या छात्र वर्चुअल क्लास, आनलाइन पढ़ाई तथा छात्र के बारे में मनोवैज्ञानिक सलाह ले सकते हैं।
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