मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल करने की मांग को लेकर लखनऊ गए सपा नेता सीएम से मिला बिना ही लौट आए। सपा नेताओं की माने तो मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि उनका दावा है कि मेरठ के प्रति मुख्यमंत्री की हमदर्दी है। वह दो दिन पहले ही इलाहाबाद में अपने मन की आवाज को सार्वजनिक कर चुके हैं।
मेरठ या रायबरेली में से किसी एक शहर का नाम स्मार्ट सिटी के लिए निश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के पाले में गेंद डाल दी है। सपा नेताओं ने स्मार्ट सिटी की सूची में मेरठ को शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के बढ़ चढ़कर बयान दिए।
एक सितंबर को कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, चौ. राजपाल सिंह एडवोकेट, मोहम्मद अब्बास, चौ. साहब सिंह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गए थे। लगातार तीन दिन तक लखनऊ में डेरा डाले रहे, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात नहीं हो सकी।
उप्र बीज निगम के उपाध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव सहित सभी बड़े नेता व्यस्त रहे। जिसके कारण मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही इलाहाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उप्र में 13 नहीं बल्कि 15 शहरों को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल करने की प्रस्ताव रखा। इससे साफ जाहिर है कि मेरठ स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होगा।