त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची की आपत्तियों के समाधान के बाद शनिवार को अनंतिम प्रकाशन होगा। इस बार पंचायत चुनाव में करीब 80 हजार मतदाता बढ़े हैं। लेकिन सूची पर अगर आयी आपत्तियों को देखें तो उसके सापेक्ष समाधान बहुत कम का हुआ है। ऐसे में अंतिम सूची के बाद पंचायतों में हलचल होना तय है।
मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन अव्यवहारिक तरीके से हुआ था। 14 अगस्त से 16 अगस्त तक का समय अनंतिम सूची प्रकाशन के लिए रखा गया था। अवलोकन के बाद 20 अगस्त तक आपत्तियां दाखिल होनी थी। लेकिन 14 अगस्त में जहां मतदाता सूची शाम तक बीएलओ के पास ही पहुंच पायी तो 15 और 16 अगस्त का अवकाश होने के कारण अधिकांश बीएलओ उसे दबाकर बैठ गये।
ऐसे में गंभीर दावेदार ही भागदौड़ कर सूची का अवलोकन कर सके। हालांकि उनके माध्यम से जब तक सूची में गलतियां पकड़ में आयी, तब तक आपत्तियों का समय निकल गया। ऐसे में लगातार जिलाधिकारी कार्यालय पर मतदाता सूची को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई। लेकिन इन शिकायतों की तुलना में समाधान बहुत कम का हो पाये है।
शासन के निर्धारित कार्यक्रम में आपत्तियों के समाधान पश्चात 5 सितंबर को अंतिम सूची का प्रकाशन होना है। ऐसे मेें सभी की नजर इस सूची पर है लेकिन इस बार भी अंतिम सूची 5 सितंबर जन्माष्टमी और 6 सितंबर को अवकाश में ही हो रही है। ऐसे में तय है कि इस सूची को लेकर बवाल होगा क्याेंकि कई गांव तो ऐसे हैं जहां सैकड़ों वोटों पर गंभीर आपत्तियां हैं।