फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ढाई घन्टे में बुक हो गए 9150 डोज का स्लॉट

विज्ञापन
विज्ञापन
वैक्सीन की किल्लत, एक ही दिन के लिए खोले गए स्लॉट
विज्ञापन

मेरठ। कोरोना से बचाव के लिए एक जुलाई से टीकाकरण का महाअभियान चलाने की तैयारी में वैक्सीन की किल्लत बड़ी दिक्कत बन सकती है। हालांकि वैक्सीन की डोज रोजाना आ रही हैं लेकिन टीकाकरण कराने वालों की संख्या कहीं अधिक है और उन्हें अगले दिनों के स्लॉट नहीं मिल रहे हैं।
रविवार को भी ऐसा ही हुआ। 18 से 44 साल के आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए सोमवार के टीकाकरण का स्लॉट करीब ढाई घंटे में बुक हो गया। 42 केंद्रों पर होने वाले इस आयु वर्ग के लाभार्थियों के टीकाकरण के लिए कुल 9150 डोज ही आई हैं। इनमें कोविशील्ड 8650 और कोवैक्सीन 500 डोज हैं।
विज्ञापन

सुबह 10 बजे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन खुला। लगभग साढ़े 12 बजे तक स्लॉट भर गए। हालांकि पहले आधे घंटे में ही स्लॉट भर जाते थे। पिछले एक सप्ताह से वैक्सीन की किल्लत की वजह से हर रोज स्लॉट खुल रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। पहले पूरे सप्ताह के स्लॉट एक ही दिन रविवार को खुल जाते थे। इससे टीकाकरण के इच्छुक लोग अपनी सुविधानुसार दिन का चयन कर लेते थे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि अगर लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन के बाद 4 अंकों की ओटीपी का मेसेज प्राप्त नहीं होता है तो उनका टीकाकरण नहीं होगा। स्लॉट पंजीकरण से पहले प्रत्येक दशा में आरोग्य सेतु या कोविन डॉट जीओवी डॉट इन पर पंजीकरण होना चाहिए।
-----
तीन स्थानों पर क्लस्टर टीकाकरण रोका
वैक्सीन की किल्लत की वजह से जानी, माछरा और सरूरपुर में क्लस्टर टीकाकरण फिलहाल रोक दिया गया है। वैक्सीन उपलब्ध होने पर इसे फिर शुरू किया जाएगा। लखीपुरा में अभी टीकाकरण जारी है। इसके अलावा क्लस्टर टीकाकरण के तहत कंकरखेड़ा, कुंडा और नगला बट्टू में भी टीकाकरण किया जा रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि वैक्सीन की कमी की वजह से क्लस्टर टीकाकरण में थोड़ा बदलाव किया गया है।
विज्ञापन

-----
महा अभियान के लिए 425 बूथ बनाए जाएंगे
टीकाकरण के महाअभियान के लिए जिले में 425 बूथ बनाए जाएंगे। हर रोज करीब 88 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। कुल 14 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। महाअभियान एक जुलाई से शुरू हो रहा है। हालांकि इसकी सफलता काफी हद तक वैक्सीन की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें