हत्यारोपी दिलशाद और हत्या के बाद लगी भीड़।
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लोहिया नगर थाना क्षेत्र में बहन इलमा की हत्या के आरोपी दिलशाद ने पुलिस पूछताछ में कहा कि उसने परिवार की इज्जत के लिए बहन की हत्या की और उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसने पुलिस को बताया कि रविवार सुबह इलमा अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। उसने परिवार की नाक कटवा दी थी इसलिए रविवार को जैसे ही वह घर लौटी, उसने उसकी हत्या कर दी।
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि आरोपी दिलशाद ने बताया कि इलमा का दौराला निवासी एक युवक से प्रेम प्रसंग था। हत्यारोपी और उसके परिवार से पूछताछ में सामने आया कि दिलशाद परिवार की इज्जत का हवाला देकर इलमा पर प्रेम प्रसंग खत्म करने का दबाव बना रहा था। लेकिन वह प्रेमी से बातचीत करने की जिद पर अड़ी रहती थी और दिनभर फोन पर बात करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अकसर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार दिलशाद ने कई बार फोन कर प्रेमी को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह करीब छह बजे इलमा अपने दौराला निवासी प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। दो दिन उसके साथ रहने के बाद वह मंगलवार को वापस घर लौटी। घर लौटने के कुछ ही समय बाद दिलशाद की उससे कहासुनी हुई और उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के समय घर में मां और अन्य परिजन मौजूद थे। हत्या के बाद आरोपी सीधे थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। दिलशाद का कहना था कि वह जेल जाने को तैयार है लेकिन परिवार की आन से समझौता नहीं करेगा। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी हत्या के प्रयास के मामले में शामिल रह चुका है।
छह महीने से मायके में रह रही थी इलमा
पुलिस के अनुसार 15 वर्ष की उम्र में इलमा का निकाह कर दिया गया था। करीब छह महीने पहले वह ससुराल से मायके आकर रहने लगी थी। दिलशाद ने पुलिस को बताया कि इलमा के घर के पास रहने वाले एक अन्य युवक से भी संबंध हो गए थे। पड़ोसियों ने इन संबंधों की जानकारी परिजनों को दी थी। इसके बाद परिवार ने उसे काफी समझाया और ससुराल लौटने के लिए कहा लेकिन उसने इनकार कर दिया।
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