गोकशी की सूचना पर पुलिस ने एक घर पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो बोरों में भरा करीब 50-60 किलो मीट और चाकू बरामद कर लिया। पड़ोस के लोगों ने मीट गोवंश का होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
एसओ कोतवाली विजय गुप्ता के अनुसार कंट्रोल रूम की सूचना पर मोहल्ला सराय बहलीम में दिलशाद पुत्र मोहम्मद इरशाद के घर पर छापा मारा गया। लेकिन उससे पहले ही दिलशाद साथियों के साथ फरार हो गया था। मौके पर मीट जमीन पर पड़ा मिला, जबकि अन्य अवशेष प्लास्टिक के बोरे में भरे हुए थे। आसपास के लोगों का आरोप था कि मीट गोवंश का है। जिस पर पुलिस ने लोगों को समझाते हुए पशु चिकित्सक को मीट के सैंपल भरने के लिए बुला लिया। एसओ का कहना है कि प्रथम दृष्टया मीट भैंस का लग रहा है। सैंपल की जांच रिपोर्ट के बाद कुछ कहा जा सकेगा। आरोपी दिलशाद के खिलाफ अवैध तरीके से पशु काटने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है।
साहब! यहां रात में काटे जाते हैं पशु
मीट बरामद होने के बाद भाजपा नेताओं ने एसओ कोतवाली के सामने आरोप लगाया कि यहां गोवंश का कटान किया जा रहा है। आरोपी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पड़ोस के लोगों ने भी कहा कि कई घरों में रात में पशुओं को लाया जाता है और अवैध तरीके से कटान कर तराजू से तोलकर मीट बेचा जा रहा है। एसओ का कहना है कि कटान कहीं दूसरे स्थान पर किया है, यहां बेचने के लिए मीट लाया गया था।
शहर के नामी होटलों में बिकता था मृत पशुओं का मीट
गोकशी की सूचना पर पुलिस पहुंची
लिसाड़ी रोड की झुग्गी झोपड़ियों में मिनी कमेला चलाते गिरफ्तार दो आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस गैंग में एक दर्जन से ज्यादा लोग हैं, जो शहर के दो दर्जन होटलों और 30-40 दुकानों पर मृत पशुओं का मीट 40 रुपये किलो के हिसाब से सप्लाई करते हैं। एएसपी कोतवाली रण्विजय सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शंकर और धर्मपाल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
ठेके की आड़ में कटान
आरोपी शंकर ने पुलिस को बताया कि उनके पास मृत पशुओं का ठेका है। वह ब्रह्मपुरी, माधवपुरम, टीपीनगर, हापुड़ रोड और लिसाड़ी गेट में अलग-अलग स्थानों पर लावारिस मृत पशुओं को लाते हैं। पशुओं की खाल निकालने के बहाने रात में मृत पशुओं को झोपड़ियों में लाकर उनका कटान करते थे। यह मीट 40 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जा रहा था। जिंदा पशुओं का मीट 100 से 130 रुपये किलो तक का है। आरोपियों ने बताया कि सुबह पांच बजे से पहले शहर में अलग-अलग स्थानों पर मीट सप्लाई कर दिया जाता है। आरोपियों ने बताया कि मृत पशुओं का जो मीट होटलों और दुकानों पर जाता था, उसका कबाब बनाया जाता था। जिसके लिए चार से आठ घंटे के भीतर ही मृत पशुओं का कटान कर मीट सप्लाई कर देते थे। सच संस्था के कार्यकर्ता आसिफ भारती ने मांग की है कि कटान करने वाले आरोपियों पर रासुका लगाकर कार्रवाई की जाए।
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