- दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर स्थित त्रिमूर्ति जिनालय में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान महोत्सव का सातवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर स्थित त्रिमूर्ति जिनालय में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान महोत्सव के सातवें दिन मुख्य वेदी में विराजमान त्रय तीर्थंकरों का विधिवत जलाभिषेक किया गया। शांतिधारा सुमित जैन, विपुल जैन और वर्धन जैन ने की।
करीब 130 परिवारों ने विधान में सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास के साथ जिनेंद्र भगवान की आराधना कर धर्मलाभ अर्जित किया। अनिल जैन, अनंतवीर जैन और संभव जैन ने विशेष आयोजन किए। विधान संयोजक एवं तीर्थ क्षेत्र समिति सदस्य विजय कुमार जैन ने श्रद्धालुओं का मंगल तिलक, माल्यार्पण और मुकुट पहनाकर स्वागत किया।
मुनि भाव भूषण महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि जैन कुल में जन्म लेना बड़े पुण्यों का फल है। उन्होंने कहा कि मोह और आसक्ति का त्याग कर ही जीव वीतरागता की ओर बढ़ सकता है। प्रभु की भक्ति और आराधना से आत्मा को शांति प्राप्त होती है तथा संचित पाप कर्मों का क्षय होता है। उन्होंने कहा कि जैसे सूर्य की किरणें अंधकार को समाप्त कर देती हैं, उसी प्रकार प्रभु का स्मरण जीवन के दुख और दोष दूर करता है।
सायंकालीन बेला में पंच परमेष्ठी भगवान, शांतिनाथ भगवान एवं चौबीस तीर्थंकरों की भव्य आरती संगीत की मधुर ध्वनि के बीच संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने भजनों पर भक्ति नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रश्न मंच का आयोजन किया।
इस मौके पर क्षेत्र अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, राजीव जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, विपुल जैन, उमेश जैन, अतुल जैन और कमल जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
कस्बे के प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद