हार्दिक व उनकी पत्नी, सिदिक्षा व नितिशा
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भाजपा के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के साले स्वर्गीय महेश बिंदल का परिवार ब्रह्मपुरी के शिव शंकरपुरी काॅलोनी में रहता था। परिवार में बेटे हार्दिक बिंदल (40) हार्दिक की पत्नी स्वाति बिंदल (37) बेटी सिदीक्षा (6) नितीशा (2) और मां मंजू (62) थीं। हार्दिक शारदा रोड पर देसी तड़का नाम से रेस्टोरेंट और गारमेंट की दुकान करते थे।
शादी के बाद गठजोड़ा की रस्म के चलते परिवार को दर्शन करने सीकर जीण माता के मंदिर में जाना था। शनिवार को हार्दिक अपने परिवार और माधवपुरम के आरके पुरम में रहने वाली मौसी नीलम (55) व उनके बेटे आशुतोष (35) के साथ सेंट्रो कार से निकले थे। जीण माता के दर्शन करने के बाद रविवार को पूरा परिवार सालासर बालाजी के दर्शन करने जा रहा था।
शाम को सीकर जिले में फतेहपुर कोतवाली थाना क्षेत्र की आशीर्वाद पुलिया के पास कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। भीषण टक्कर के बाद कार और ट्रक में आग लग गई। कार लॉक होने के कारण पीछे बैठे लोग बाहर नहीं निकल पाए। पलभर में परिवार के सभी सात लोग जिंदा जल गए। सूचना पर जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक कार पूरी तरह से जल चुकी थी। शव बुरी तरह से जल गए थे। गाड़ी की नंबर प्लेट भी जल चुकी थी।
मोबाइल में मिले सिम से हुई पहचान
कार के पूरी तरह से जलने के कारण मृतकों की पहचान कर पाना मुश्किल था। कार में एक अधजला मोबाइल मिला तो उसमें से पुलिस ने सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में डाल लिया। फोन आने पर पता चला कि सभी मृतक मेरठ के रहने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने मेरठ में फोन करके सूचना दी। आशुतोष की बहन नेहा ने फोन सुना। इसके बाद हार्दिक के ताऊ को सूचना दी गई। रिश्तेदार शवों को लाने के लिए सीकर पहुंच गए हैं। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को मेरठ लाया जाएगा।
हर कोई सदमे में, नहीं थम रहे आंसू
दर्दनाक हादसे ने हार्दिक बिंदल के पूरे परिवार को लील लिया। रिश्तेदार समझ ही नहीं पा रहे हैं कि करें तो क्या करें। हार्दिक के परिवार में अब उसके ताऊ संत कुमार चावल वाले, उनकी पत्नी कमलेश और बेटा सत्यम ही बचे हैं। दो बहनों महक और सुगंध की शादी हो चुकी है। ताई कमलेश और सत्यम का रो-रोकर बुरा हाल है। रात से रिश्तेदारों का घर पर तांता लगा है। लोगों ने बताया कि बड़ी खुशी के साथ परिवार दर्शन करने गया था, लेकिन कुछ नहीं बचा।
कार में लगी आग बुझाने का प्रयास करते फायरकर्मी।
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