24 घंटे में कोई गिरफ्तारी नहीं
भूसा मंडी क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के साथ-साथ सेना की क्यूआरटी भी मुस्तैद रही। बवाली यदि फिर से सड़क पर आए तो उनसे निपटने की पूरी तैयारी थी। मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत सहित कई जिलों का पुलिस बल भी यहां तैनात रहा। इस बीच सवाल उठे कि जिस तरह से बवालियों ने भूसा मंडी, मछेरान व दिल्ली रोड पर बुधवार को अराजकता का माहौल बनाया। उसके मद्देनजर पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की। चार आरोपी बुधवार को पकड़े गए थे, जिनमें से तीन को दबाव में छोड़कर केवल एक आरोपी नदीम की गिरफ्तारी दिखाई दी। बृहस्पतिवार दिन भर न तो कोई दबिश दी और न कोई नई गिरफ्तारी हुई। बवालियों की पहचान भी गुरुवार रात होना बताया गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो माहौल खराब होने का अंदेशा होने के चलते दिन भर भूसा मंडी और मछेरान में दबिश नहीं दी गई। वहीं एसओ सदर विजय गुप्ता का कहना है कि जो तीन लोग छोड़े हैं, उनका बवाल से कोई लेनादेना नहीं है।
ये आरोपी हुए चिह्नित
अशफाक पुत्र बाबू, सईद भारती पुत्र रहीस, हाजी शाहिद उर्फ सईद पुत्र सुल्तान, रहीस पुत्र नसीर, कामिल पुत्र मुस्तकीम, वसीम पुत्र शमीम, अमीर पुत्र अनीस (केले वाला), तसलीम (स्मैक माफिया) पुत्र फिरोज, आरिफ पुत्र रियाजुद्दीन, अब्दुल पुत्र नईम, शमशाद पुत्र कबीर, शासक पुत्र गुल्लू, मानू उर्फ मनु पुत्र सईद, रिजवान पुत्र महबूब, सरफराज पुत्र हाजी सईद, नदीम पुत्र हयात, मुस्तकीम पुत्र हाजी फिरोज, कल्लू पुत्र इरफान, आलम पुत्र नईम समेत 22 लोगों को चिह्नित किया गया है।
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