मेरठ। वेस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा सिडबी, एनएसआईसी की योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। यहां चैंबर अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता ने कहा कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) भारत की स्वतंत्र वित्तीय संस्था है। यह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की वृद्धि एवं विकास के लक्ष्य से स्थापित की गई है।
मुख्य वक्ता नोएडा सिडबी एजीएम अमित राय ने बताया कि सिडबी का दायरा समय के साथ बढ़ा है। बैंक अब एमएसएमई परिप्रेक्ष्य में कार्य कर रहा है। सिडबी वित्त के साथ एंटरप्रीन्योर को शिक्षित करता है। एमएसएमई टेक्नोलॉजी के लिए ट्रेंड करता है। प्रोजेक्ट के अनुसार फंडिंग की जाती है। सिडबी की स्पीड योजनांतर्गत बैंक मशीनरी खरीद के लिए ऋण देता है। इसमें लोन एक सप्ताह के अंदर प्राप्त हो जाता है। इसमें ब्याज की दर 9.25 से 10 फीसदी तक रहती है। टॉप अप ऋण, प्रधान स्कीम रिटेल लोन स्कीम आदि विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया।
एनएसआईसी के सीनियर ब्रांच मैनेजर संजय यादव ने लघु उद्योगों के विस्तार एवं उनके प्रोत्साहन के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। लघु उद्योगों को दी जाने वाली कच्चे माल की विपणन स्कीम, सरकारी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों द्वारा कच्चे माल को विभिन्न एमओयू द्वारा सस्ते रेट पर दिलाना, लघु उद्योगों को दिए जाने वाली मार्केटिंग सहायता जैसे एमएसएमई इकाइयों के उत्पादों तथा सेवाओं को प्रदर्शित कारोबार बढ़ाने में सहयोग करता है। सरकारी टेंडरों में ईएमडी छूट हेतु रजिस्ट्रेशन एवं सरकारी टेंडरों में भाग लेने, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेलों, प्रदर्शनियों में सहायता एवं स्टॉल किराए आदि की जानकारी दी। लघु उद्योग मंत्रालय द्वारा दी गई सब्सिडी अनुसार अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उद्यमियों के लिए एमएसएम मार्ट की वार्षिक सदस्यता के बारे बताया। चैंबर अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता ने बताया कि सिडबी औद्योगिक क्षेत्र की दीर्घकालीन वित्त पोषण में सहायक की भूमिका निभाता है। एनएसआईसी केंद्र का महत्वपूर्ण संगठन है। देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का उन्नयन कर उन्हें सहायता देने तथा उनके विकास में वृद्धि करने में सहायक है। ये दोनों संगठन व्यापार एवं उद्योगों के विकास में सहायक है। सचिव सरिता अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।