मेरे चचेरे भाई की कल आईसीयू एक में मृत्यु हो गई। मेडिकल में 3-4 घन्टे गुमराह किया जाता रहा। बताते रहे कि वह ठीक है। वार्ड से मृत हालत में फोटो भी आ गया। मगर स्टाफ जिंदा बताता रहा। इस संबंध में एक व्यक्ति ने कोविड प्रभारी डॉ. सुधीर राठी से शिकायत की है। साथ ही प्राचार्य से भी बात की है।
वहीं, सोमवार को भी मेडिकल अस्पताल में भर्ती होने के लिए अपनी बारी का मरीज इंतजार करते रहे। फलावदा के मोहन एक घंटे से मेडिकल हॉस्पिटल में इधर से उधर टहल रहे थे।
दरअसल, अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे। मेडिकल में कोई एम्बुलैंस में तो कोई ई रिक्शा में नजर आता है।
अपनों का हाल जानने के लिए कोविड अस्पताल पहुंचे तीमारदार परेशान हैं। उनको पता नहीं चल पा रहा कि उनका मरीज किस हालत में है। कोरोना के इन दौर में लोग असहनीय पीड़ा से गुजर रहे हैं। मरीज तड़प रहे हैं।