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शुरू हो गई है स्मार्ट सिटी के लिए ऑनलाइन वोटिंग

Sat, 11 Jun 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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स्मार्ट सिटी को लेकर बैठक - फोटो : अमर उजाला
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 शहरवासियों के लिए बड़ी खबर यह है कि शुक्रवार से स्मार्ट सिटी के लिए ओपिनियन पोल शुरू हो गया है। अपना बहुमूल्य वोट और कीमती राय देने के लिए नगर निगम की तरफ से ‘मेरठ स्मार्ट सिटी डॉट काम’ नाम से वेबसाइट लिंक जारी कर दिया गया है।
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पहले ही दिन इस साइट पर एक हजार से ज्यादा लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए वोटिंग में हिस्सा लिया। स्मार्ट सिटी के बिंदुओं को गंभीरता से पढ़ते हुए स्मार्ट सिटी के लिए अपनी प्राथमिकताएं बताईं। प्रत्येक शहरवासी के लिए जरूरी है कि वह वोटिंग और अपनी राय देने में हिस्सेदारी निभाए। यदि ऐसा होगा तो मेरठ को स्मार्ट सिटी बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।

स्मार्ट सिटी के लिए ऐसे बताएं अपनी प्राथमिकताएं और करें वोटिंग
अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर गूगल में जाकर सीधे ‘मेरठ स्मार्ट सिटी डॉट काम’ लॉगिन करें। जिसके बाद ‘पब्लिक ओपिनियन पोल’ नाम से एक पेज खुलकर सामने आएगा। इस पेज पर रजिस्ट्रेशन के लिए एक कॉलम में आपको अपना नाम, दूसरे में मोबाइल नंबर, तीसरे में मेल आईडी और चौथे कॉलम में आपको या तो सिटीजन या फिर अपने व्यवसाय का नाम भरना होगा।
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उसके बाद अगर आप पुरुष हैं तो मेल और महिला हैं तो फीमेल पर टिक करना होगा। इसके उपरांत रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा। आपके सामने कंप्यूटर या मोबाइल पर पब्लिक ओपिनियन पोल पेज नंबर एक आएगा।

महापौर कार्यालय में खुला स्मार्ट सिटी सेल   
मेरठ। स्मार्ट सिटी के लिए महापौर ने अपने ही कार्यालय में स्मार्ट सिटी सेल का कार्यालय खुलवा दिया है। शुक्रवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी पूरे दिन कंसल्टेंट टीम के साथ कार्यालय में मौजूद रहे। एक-एक बिंदू की समीक्षा की। उन्होंने कंसल्टेंट टीम को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। वहीं नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंसल्टेंट टीम जो भी सूचना या संसाधन मांगे, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

डीपीआर पर भारत सरकार खर्च करेगी 14.50 लाख
मेरठ। स्मार्ट सिटी की डीपीआर पर भारत सरकार के खाते से 14 लाख 50 हजार रुपये खर्च होंगे। इसको लेकर शुक्रवार को नगरायुक्त ने अनुबंध हस्ताक्षर कर दिया। हालांकि कंसल्टेंट कंपनी को भारत सरकार तीन बार में पेमेंट करेगी। जिसमें डेटा कलेक्शन करने पर 50 प्रतिशत, प्रजेंटेशन पर 30 प्रतिशत और बाकी 20 प्रतिशत पेमेंट कंपनी को तब मिलेगा, जब मेरठ स्मार्ट सिटी के लिए चयनित हो जाएगा।
मोबाइल वैन से भी होगी वोटिंग
मेरठ। स्मार्ट सिटी पाने के लिए नगर निगम प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। जहां नगर निगम शहर में स्मार्ट सिटी पर शहर की जनता से ओपिनियन पोल करने के आह्वान संबंधी होर्डिंग लगाने जा रहा है वहीं, महानगर के प्रत्येक वार्ड में मोबाइल वैन भेजने की तैयारी है। नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा का कहना है कि मोबाइल वैन में दो से तीन लोग कंप्यूटर और संसाधनों के साथ होंगे। जो जनता के बीच पहुंचकर स्वयं ही जनता से ओपिनियन पोल लेकर वेबसाइट पर वोटिंग करेंगे। यह वैन एक-दो दिन में ही शुरू होने वाली है। होर्डिंग लगने की भी तैयारी शुरू हो गई है।

‘स्मार्ट सिटी बनाना हमारा लक्ष्य’
मेरठ। नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाना हमारा लक्ष्य है। भले ही समय 15 दिन हो, लेकिन जनता के सहयोग से हम लक्ष्य को हासिल करके रहेंगे। हमने निगम की पूरी मशीनरी स्मार्ट सिटी पर लगा दी है। शहर में जनता को स्मार्ट सिटी के लिए जागरूक करने के लिए सभी प्रयास होंगे। शुक्रवार से तेजी से काम शुरू हो गया है। रात-दिन काम किया जाएगा।

डॉ. रेखा आज शहर में  
मेरठ। स्मार्ट सिटी सेल की प्रतिनिधि एवं सोशल एक्सपर्ट डॉ. रेखा बेन मिस्त्री आज शनिवार को गुजरात के सूरत से मेरठ पहुंच रही हैं। जो महापौर, नगरायुक्त और स्मार्ट सेल टीम से विचार विमर्श करेंगी। वह सोशल जानकारी एकत्रित करके अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।   

सभी विभाग दें तीन साल का लेखाजोखा
मेरठ। स्मार्ट सिटी की डीपीआर में सहयोग के लिए शुक्रवार को नगर निगम स्थित महापौर कार्यालय में एमडीए, बिजली विभाग, ट्रैफिक पुलिस, जल निगम, प्रदूषण विभाग आदि सभी विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। हालांकि यह बैठक 10-15 मिनट ही चली।
जिसमें महापौर, नगरायुक्त और कंसल्टेंट बीके पटेल ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्मार्ट सिटी के संबंध में जानकारी दी। साथ ही सभी विभागों से तीन साल में किए गए जनहित कार्य और आगामी भविष्य के लिए तैयार की गई योजनाओं का लेखाजोखा मांग लिया। हालांकि एमडीए सहित कई विभागों के अधिकारियों ने तो अपने विभाग को स्मार्ट होने की संज्ञा देते हुए कहा कि जो भी डाटा चाहिए वह हमारे विभाग की वेबसाइट से लिया जा सकता है।
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