मेरठ। सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में शोरूम और कॉम्पलेक्स चल रहे हैं। घर-घर में दुकानें खुल गई हैं और व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 19 नवंबर को मामले में सुनवाई करते हुए 499 भवनों का स्टेटस मांगा है। सेक्टर-6, 1 व 9 में ऐसे भवनों के लिए विभाग की ओर से शुक्रवार को भी सर्वे किया गया।
आवास विकास परिषद की शास्त्रीनगर योजना में भू-उपयोग परिवर्तन कर किए गए अवैध निर्माण का मामला अब फिर से गरमा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह में जवाब मांगा है। 19 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला व न्यायमूर्ति आर. महादेवन ने एक दुकानदार राजेंद्र कुमार बड़जात्या व उप्र एवं आवास विकास परिषद के मामले में सुनवाई की थी। सभी पक्षकारों से एक सप्ताह में लिखित में उनसे पक्ष मांगा है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उप्र आवास एवं विकास परिषद से 499 प्लॉटों का किस प्रकार प्रयोग हो रहा है इस पर जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि तीन हजार से अधिक ऐसे अवैध निर्माण हैं, जिनमें भू-उपयोग परिवर्तन कर अन्य गतिविधियों का संचालन हो रहा है। अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने बताया कि शुक्रवार को सेक्टर-4 व 11 में सर्वे किया गया।
लगातार बन रहे शोरूम, कांपलेक्स
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से जहां अफसर सहमे हैं तो वहीं व्यापारियों में भी खलबली मची है। वहीं सेंट्रल मार्केट में सर्राफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर आदि लगातार बन रहे हैं। कई लोगों ने क्षेत्र में निचले तल पर शोरूम बना लिए हैं और ऊपरी तल पर रिहाइश हो रही है। अफसरों से सांठ-गांठ करके बड़े पैमाने पर गली-गली में भी दुकानें, शोरूम बन रहे हैं।