ग्राम पंचायत सचिवालय को झटका, बाहर से रिकॉर्ड हो रहा दर्ज
मेरठ। गांवों में ग्राम पंचायत सचिवालय में जनता को सेवा देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की सच्चाई उलट है। सात ग्राम पंचायतों में सचिव और प्रधान भी सचिवालय में रखे कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग नहीं कर रहे हैं। यह खुलासा पंचायतीराज निदेशक अनुज झा की समीक्षा में हुआ है। मेरठ में सात ग्राम पंचायतों में सचिवालय के कंप्यूटर सिस्टम गेटवे से पांच लाख 30 हजार 953 रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया, जबकि बाहर से रिकॉर्ड दर्ज कर ऑनलाइन अपलोड कर दिया। आईपी एड्रेस की मैपिंग होने के कारण यह मामला पकड़ में आया है।
गांवों में होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत साल 2020 में की थी। इस पोर्टल के माध्यम से गांव में होने वाले विकास कार्यों का भुगतान, उनकी समय-सीमा सहित अन्य रिकॉर्ड दर्ज किए जाते हैं। यह भी निर्देश है कि रिकॉर्ड पंचायत सचिवालय से ही दर्ज किए जाएंगे। इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव ने सात ग्राम पंचायतों के सचिव और प्रधानों को नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने लिखा है कि पंचायत सचिवालय के कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है।
इन गांवों में हुआ बाहर से भुगतान
1. अमीनाबाद उर्फ बड़ागांव - 5250 रुपये
2. गोविंदपुरी - 28 हजार 150 रुपये
3. बाजौट - एक लाख नौ हजार 491 रुपये
4. हाजीपुर - 77 हजार 496
5. ततीना सानी - 44 हजार 469
6. आलमगीरपुर - दो लाख दस हजार
7. गोविंदपुर उर्फ घसौली - 56 हजार 97 रुपये