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Shivam Suicide: दूसरों को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया, खुद मौत को लगाया गले, रहस्य बनी वजह

Sun, 17 Dec 2023 12:25 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में शनिवार को एमआईटी कॉलेज के छात्र ने खुदकुशी कर ली। मौत से पहले शिवम ने दूसरे छात्रों को बेहतर जिंदगी जीने के लिए प्रेरित किया था, लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसने मौत को गले लगा लिया।
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छात्र का फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मेरठ के एमआईटी कॉलेज के छात्र शिवम भारद्वाज ने खुदकुशी से पहले शुक्रवार रात 10:31 बजे कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप पर सकारात्मक संदेश पोस्ट किया था। इसमें उसने छात्रों को बेहतर जीवन जीने का संदेश दिया, लेकिन शिवम खुद इस पर अमल नहीं कर सका और मौत को गले लगा लिया। शिवम की मौत के बाद साथी छात्रों में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवम को खुदकुशी करने पर मजबूर किया गया। उन्होंने ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
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शिवम की मौत की जानकारी मिलते ही कॉलेज के छात्र एकत्र होने लगे थे। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जांच में जुट गई। इसी दौरान कॉलेज प्रबंधन ने पारिवारिक कारणों और फेल होने की वजह से डिप्रेशन के चलते शिवम के खुदकुशी करने का बयान दिया। इस पर छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया।

छात्रों का कहना था कि शिवम पारिवारिक रूप से परेशान नहीं था बल्कि उसकी उपस्थिति कम थी। कॉलेज प्रबंधन ऐसे छात्रों से शपथ पत्र मांग रहा था। शपथ पत्र न देने पर उनका नाम काटने की धमकी दी जा रही थी। इसके चलते शिवम परेशान था। उसे हाॅस्टल की फीस के लिए भी परेशान किया जा रहा था। पुलिस ने किसी तरह समझाकर छात्रों को शांत किया। 

फीस के लिए नहीं किया परेशान 
कॉलेज के निदेशक डॉ. आलोक चौहान ने बताया कि पुलिस घटना की जांच कर रही है। बिहार के सभी छात्र बिहार क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत पढ़ते हैं। इसके तहत बिहार सरकार संबंधित कॉलेज की पूरी फीस कॉलेज के खाते में भेजती है। ऐसे में फीस के लिए कभी भी किसी छात्र को परेशान करने का कोई औचित्य ही नहीं है।

पिता से बीटेक न करने की जिद करता था
बीटेक निदेशक डॉ. सोमेंद्र शुक्ला ने बताया कि शिवम प्रथम वर्ष में पांच विषयों में फेल हुआ था। वह अक्सर अपने पिताजी से बीटेक नहीं करने की जिद करता था और बोलता था कि मुझसे पढ़ाई नहीं होगी। परिवार के दबाव के कारण उसे बीटेक की पढ़ाई करनी पड़ रही थी।

यह दिया था संदेश...
मैं शुभम भारद्वाज हूं। यह पोस्ट सभी स्नातक छात्रों के लिए है, जो अपनी स्नातक की पढ़ाई को लेकर अवसाद में हैं। हाल के दिनों में मैं जीवन के बारे में बहुत कुछ सोच रहा हूं। सभी को केवल एक बार जीवन मिलता है। दूसरा जीवन नहीं मिलता। आप कभी भी उतने युवा नहीं होंगे, जितने आज हैं और समय से अधिक कीमती कुछ भी नहीं है।

अपना समय उन लोगों के साथ बिताएं जो आपसे प्यार करते हैं। हर अवसर का तुरंत लाभ उठाएं और कभी भी इस बात की परवाह न करें कि कोई आपके बारे में क्या सोचता है। कुछ भी बनने के लिए जीवन बहुत छोटा है, हमेशा खुश रहो।
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आत्महत्या कोई अचानक नहीं करता : मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा ने बताया कि आत्महत्या के पीछे डिप्रेशन, किसी घटना का मानसिक असर और तनाव जैसी कई वजहें है। इस समस्या से जूझने वाले लोग अक्सर उदास रहते हैं और उसके मन में हर समय नकारात्मक ख्याल आते रहते हैं। कई बार ये अपने आप को परिस्थितियों के सामने इतना असहाय महसूस करते हैं कि उनके मन में आत्महत्या का ख्याल आने लगता है।

आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कोई भी व्यक्ति अचानक नहीं उठाता है। इससे पहले वो जिन चीजों से गुजरता है उसे एक संकेत माना जा सकता है। आत्महत्या को रोकने का सबसे अच्छा तरीका इसके संकेतों, डिप्रेशन और डिसऑर्डर के लक्षणों को पहचानना है। इससे समय रहते उस व्यक्ति का इलाज कराया जा सकता है। 
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