अखिल भारतीय हिंदू महासभा के मेरठ जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा है कि महासभा हिंदू न्यायपीठ खोलने के फैसले पर अडिग है। केवल एक शर्त पर ही इसे रोका जा सकता है कि देश में चल रही शरई अदालतों को बंद किया जाए और एक समान कानून पूरे देश में लागू हो।
हिंदू अदालत खोलने की घोषणा के बाद से लगातार इस पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जिलाध्यक्ष अभिषेक का कहना है कि वेस्ट यूपी के पांच जिलों में हिंदू न्यायपीठ खोली जाएंगी। उन्होंने कहा कि दारूल उलूम 70 की बजाय 700 शरई अदालतें खोलने की बात कह रहा है। उसका कोई विरोध नहीं पर यदि हिंदू महासभा चंद हिंदू न्यायपीठ खोल रही है तो उस पर हल्ला हो रहा है। कई नेता, जनप्रतिनिधि अपना दरबार लगाकर फैसले कर रहे हैं, उसका भी कोई विरोध नहीं है।
उन्होंने कहा कि महासभा द्वारा मनाए जाने वाले धिक्कार दिवस (दो अक्टूबर) पर महासभा इसके नियम कानून जारी करेगी। 15 नवंबर को गोडसे बलिदान दिवस पर पांच जिलों में इसकी शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि देश में सभी शरई अदालतों को प्रतिबंधित कर किया जाए। साथ ही 700 शरई अदालतें खोलने की घोषणा करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। पूरे देश में संविधान द्वारा बनाई गई अदालतों के निर्णय ही अंतिम माने जाएं।