केस-1
झिंझाना के शाह मुबारिक मोहल्ला निवासी रिहाना ने 15 मार्च को ऊर्जा निगम के पोर्टल पर बिजली कनेक्शन लेने के लिए 15 मार्च को आवेदन किया गया। जिसके लिए 1299 और 59 रुपये भी ऑनलाइन जमा करा दिए गए। मगर हैरत की बात है कि बिजली मीटर तो रिहाना के यहां पर नहीं लगाया गया मगर पोर्टल पर मीटर एक सप्ताह से घर पर लगाना दर्शाया गया है। रिहाना का कहना है कि अब मीटर लगाने के लिए कहने पर एक कर्मचारी 300 रुपये की मांग कर रहा है। मामले की शिकायत जेई और अन्य अधिकारियों से भी की गई है।
केस-2
झिंझाना निवासी मनव्वर ने बिजली कनेक्शन के लिए दो अप्रैल को ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसके लिए ऑनलाइन फीस भी जमा करा दी गई। 11 को ऑनलाइन मीटर लगाना दर्शा दिया गया। मगर अभी तक मीटर घर पर नहीं लगाया गया है।जिसके कारण आवेदनकर्ता मीटर लगवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।
जिले के उपभोक्ता एक नजर में-
जिले में उपभोक्ताओं की संख्या 2 लाख 70 हजार
जिले में उपभोक्तओं पर बकाया 250 करोड़
बकाया उपभोक्तओं की संख्या करीब 2 लाख
हाल ही में जमा कराए गए रुपये तीन करोड़
चोरी से विभाग को करोड़ों के राजस्व की हानि
सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में शहरी और देहात के उपभोक्ता घरों में दुकान बनाने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। इन लोगों की ओर से घरों के बिजली कनेक्शन पर ही व्यावसायिक बिजली का भी प्रयोग किया जा रहा है। इससे प्रतिवर्ष बिजली विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की संभावना है। अब इस नुकसान की भरपाई और लाइन लॉस को कम करने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
हाल ही बिजली लाइन घोटाले में नपे थे एसई, एक्सईएन
हाल ही में कैराना में अवैध रूप से करीब 70 मीटर लाइन खींचने का मामला अमर उ जाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था।जिसका परिणाम यह था कि इस मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने दो एक्सईएन, एसई, एसडीओ और जेई पर गाज डाल दी थी। य.
मीटर लगा नहीं और ऑनलाइन लगा दर्शाने के मामले की जांच शुरू करा दी है। उपभोक्ताओं से रुपये मांगने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रेम सिंह, जेई झिंझाना
मीटर लगा नहीं और आवेदककर्ता के यहां पर ऑनलाइन मीटर लगा दर्शाने का मामला गंभीर है। यदि किसी ने भी आवेदककर्ता से रुपये मांगे है तो जांच के बाद कार्रवाई कराई जाएगी। ऐसे कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में समस्या आ रही है। बिलों की गड़बड़ियों को दूर किया जा रहा है। - नरेश कुमार, एसई, शामली