शाम को मिली पीड़ितों से
राखी त्यागी ने बताया कि थाने में काफी समय मुलाकात को लेकर बहस में ही निकल गया। जबकि उन्हें एक जगह और जाना था। जिस कारण वह शाम को पीड़ित परिवारों से मिली।
आयोग सदस्य को भी की बरगलाने की कोशिश
सदस्य राखी त्यागी ने बताया कि वह इस मामले में औचक जांच करना चाहती थीं इसलिए वह एसएसपी के पास न जाकर सीधे मेडिकल थाने पहुंचीं और पीड़ित परिवारों के पास चलने को कहा। लेकिन पुलिस आनाकानी करने लगी। एसओ मेडिकल ने इस मामले में चाइल्ड वेलफेयर समिति से बात करने को कहा। जिस पर उन्होंने एसएसपी से बात की तो वे भी बात को टालते नजर आए। इस पर मैंने कहा कि किसी भी एनजीओ से बात करना उनके प्रोटोकॉल में नहीं है। यदि पुलिस नहीं जाना चाहती हैं तो वह स्वयं चली जाएंगी।
दो बच्चियों के आज होंगे बयान
मेडिकल पुलिस ने बताया कि एक बच्ची के शनिवार को कोर्ट में बयान हो चुके हैं। जिसका अवलोकन होना बाकी है। वहीं, पीड़ित दो बच्चियों के आज (सोमवार) को बयान कराए जाएंगे। घटना के बारे दोनों पीड़िताएं बयान में बता चुकी हैं। सीडब्ल्यूसी के समक्ष बच्चियों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। बच्चियां अभी डरी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चियों के साथ दो महिला कांस्टेबल सादी वर्दी में हैं, ताकि बच्चियां उनके सामने खुलकर हैवान विमलचंद की सारी करतूत उजागर करे। एक बच्ची ने आरोपी की सारी घिनौनी हरकत महिला पुलिस और चाइल्ड लाइन के निदेशिका अनीता राणा को बताई है।
क्लीन चिट दी, गवाह तो बनाओ
पुलिस के मुताबिक आरोपी विमल चंद के घर पर एक किशोरी (17-18 उम्र) की भी खाना बनाने के लिए आती थी। किशोरी ने पुलिस को बताया कि विमल चंद अपने मकान में बच्चियों से हैवानियत करता था, इसकी उसको जानकारी नहीं है। वह सिर्फ खाना बनाने आती थी। किशोरी का पीड़ित बच्चियों से आमना-सामना कराया गया। बच्चियों ने बताया कि दीदी उनको खाने का सामान देती थी। दीदी को पता था या नहीं, यह तो हमें भी नहीं पता। पुलिस ने इस किशोरी को क्लीन चिट दे दी है। लोगों का कहना है कि किशोरी को क्लीनचिट दी, इससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन किशोरी को पुलिस गवाह तो बना सकती थी, लेकिन वो भी नहीं किया।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/