पहाड़ों पर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से वेस्ट यूपी और एनसीआर में दो दिन मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया। अचानक चली तेज हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे से ऊपर पहुंच गई। रुक रुककर चली धूल भरी आंधी और बारिश से भले ही तपिश से राहत मिली हो। लेकिन इस बिगड़े मौसम के वार से आम और गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
वेस्ट यूपी में मंगलवार और बुधवार को आंधी-बारिश के दौर ने किसानों की नींद उड़ा दी। सफेद रतुआ की बीमारी की मार झेल रही आम की फसल को आंधी ने भी काफी नुकसान पहुंचाया है। वैज्ञानिकों की मानें तो दो दिन चली आंधी के कारण वेस्ट यूपी में 10 से 15 प्रतिशत आम की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। कृषि विज्ञानियों के अनुसार आम की फसल पर इस समय फल आ चुका है। कुछ जगह पर अभी बोर ही दिखाई दे रहा है। आंधी की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि बागों में लगा आम गिर गया।
आम के लिए अनुकूल नहीं मौसम
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सत्यप्रकाश के अनुसार आम की फसल के लिए मौसम इस बार अनुकूल नहीं है। फरवरी और मार्च में मौसम में इतनी नमी थी कि आम की फसल पर सफेद रतुआ का प्रकोप बढ़ गया। उत्पादक इस बीमारी को लेकर पहले से ही काफी चिंतित थे और अभी तक उससे उबर भी नही पाए थे कि अब मौसम ने फिर से करवट बदलते हुए तेज आंधी के कारण आम की फसल को नुकसान पहुंचाया है। अगर मौसम आगे भी ऐसा ही रहा और एक दो बार फिर से तेज आंधी आई तो फसल को काफी नुकसान पहुंच सकता है।
इस समय गेहूं की कटाई का सीजन
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि इस समय गेहूं की कटाई का समय आ गया है। किसानों ने अगेती गेहूं की फसल को काटना शुरू कर दिया है, जबकि पछेती गेहूं की फसल अभी खेत में खड़ी है। पिछले दो दिनो से चली तेज आंधी के कारण जहां गेंहू की फसल गिर गई। वहीं, बारिश से भी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जो फसल आंधी के चलते नीचे गिर गई है उसको कीड़े खा लेंगे। बारिश के कारण दाना काला पड़ जाएगा और जल्दी खराब हो जाएगा। इस समय अमूमन बारिश और आंधी आने से फसल प्रभावित हो जाती है। जिसका असर उत्पादन पर भी दिखाई पड़ता है।
11 डिग्री तक गिरा दिन का पारा
दो दिन तक आंधी-बारिश के चलते दिन का तापमान 11 डिग्री तक गिर गया। न्यूनतम तापमान में भी छह डिग्री की कमी रही। दो दिन पहले अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस था। जो बुधवार को क्रमश: 27.4 और 17.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बृहस्पतिवार से मौसम सामान्य होने का अनुमान है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले 10 दिनों में तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है। हालांकि 23 अप्रैल को फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। लेकिन यह कमजोर होगा। जिसके कारण मैदानी क्षेत्रों में इसका कोई प्रभाव नही पडे़गा व गर्मी जारी रहेगी।
यूं बिगड़ा मौसम
मौसम विज्ञानियों के अनुसार पहाड़ों के ऊपरी क्षेत्र में बने नए पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान व मध्यप्रदेश की ओर से चली गर्म हवाओं के टकराव के कारण सोमवार रात से ही मौसम बदल गया था। एनसीआर में कहीं-कहीं 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली तो कहीं तेज या मध्यम बारिश हुई। मंगलवार आधी रात मध्यम बारिश हुई। बुधवार को मेरठ में शहर व देहात में धूल भरी आंधी 6 से 10 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। दिन भर बादल छाए रहे। हालांकि दोपहर को हल्की धूप खिल गई। लेकिन मौसम में ठंडक बनी रही। अधिकतम आर्द्रता 85 व न्यूनतम 49 प्रतिशत दर्ज की गई। बुधवार शाम तक कुल 01.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
अब रहेगी गर्मी
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दो दिन मौसम प्रभावित रहा है, जो अब धीरे-धीरे उत्तर पूर्व की तरफ जाने लगा है। आज बृहस्पतिवार से वेस्ट यूपी में मौसम साफ रहने और अगले 10 दिनों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। 23 अप्रैल को सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का कोई खास असर नहीं होगा। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि