मोदीपुरम। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। तेज धूप के साथ गर्म हवाओं से हालात ऐसे बन गए हैं, जैसे जून दहक रहा हो। मौसम के जानकारों के अनुसार फिलहाल अगले 48 घंटे तक राहत के आसार नहीं हैं।
पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहे तापमान ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया।इससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। जरूरी काम न होने पर लोग घरों से निकलने से बचते रहे। गर्मी का असर इंसानों के साथ पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेज लू और पानी की कमी के कारण वह भी बेहाल हैं। ग्रामीण इलाकों में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना चुनौती बनता जा रहा है। शनिवार सुबह ही तेज गर्मी के साथ मौसम के तेवर बदले दिखाई दिए। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि घर से निकलना मुश्किल हो गया। लू के थपेड़े शरीर को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि 27 अप्रैल को मौसम में बदलाव का अनुमान है। बूंदाबांदी होने से तापमान में गिरावट आएगी। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स 293 दर्ज किया गया। गंगानगर में 276, जयभीम नगर में 300, एमआईईटी कॉलेज क्षेत्र में 368, पल्लवपुरम में 227, बेगमपुल 285, दिल्ली सड़क 291 एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया।
इस समय लू और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ गया है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले 48 घंटे तक हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में सजग रहना जरूरी है। - डॉ. संजीव शर्मा, फिजिशियन