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एक इशारे पर कुख्यातों के पीछे सात राज्य की पुलिस, प्लान तैयार

Fri, 23 Jun 2017 03:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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पुलिस अधिकारी
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बदमाश चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, अब पुलिस की गिरफ्त से बच नहीं पाएगा। सात राज्यों की पुलिस ने एक ऐसा प्लान तैयार किया है जिसके एक इशारे पर घटना की पूरी जानकारी और अपराधी का फोटो उपलब्ध हो जाएगा।  
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अंतरराज्यीय बदमाशों का नेटवर्क तोड़ने के लिए सात राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने बड़ा प्लान तैयार किया है। एक क्लिक करते ही घटना की सूचना और बदमाश का फोटो सात राज्यों की पुलिस के पास होगा। खास बात कि बदमाशों को पकड़वाने में एक दूसरे राज्य की पुलिस पूरा सहयोग करेगी। पुलिस की यह पहल अंतरराज्यीय गैंग की कमर तोड़ने में मददगार साबित होगी।

चंडीगढ़ में बुधवार को यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार राज्य के अधिकारियों की मीटिंग हुई। जिसमें पुलिस अधिकारियों ने माना कि एक राज्य की पुलिस से बचने के लिए बदमाश दूसरे राज्य में जाते हैं। मेरठ के आईजी रामकुमार ने मुद्दा उठाया कि अपराधी वारदात करने के बाद और हरियाणा में जाकर छुप जाता है। जहां लोकल पुलिस से साठगांठ कर अपराधी आसानी से सरेंडर हो जाता है। कुख्यात मोनू जाट, सुंदर भाटी, अनिल दुजाना समेत कई अपराधियों के नाम मीटिंग में बताए। 
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वेस्ट यूपी के जिलों में बड़ा अपराध करके अपराधियों के हरियाणा और पंजाब में जाकर छुपने का मामला भी उठा। जिस पर सातों राज्यों के अधिकारियों में समन्वय को लेकर घंटो चर्चा हुई। जिसमें सहमति बनी कि अब घटना किसी भी राज्य में हो, लेकिन अपराधी को पकड़वाने में एक दूसरे की मदद करेंगे। पुलिस एक दूसरे को घटना की पूरी जानकारी और अपराधी का फोटो उपलब्ध कराएगी। जरूरतमंद पुलिस अपराधी की लोकेशन को देखते दूसरे राज्यों के अधिकारियों से बात करेंगे। जिससे अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी।
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अधिकारियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया

आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने किया प्लान तैयार
सातों राज्यों के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जोकि एक दूसरे से रोजाना अपने अपने क्षेत्रों में होने वाली वारदातों के बारे में मैसेज करेंगे। सातों राज्यों को जोड़ने के लिए एक नोडल अधिकारी भी बनाया जाएगा। जोकि सोशल साइट और एक दूसरे में समन्वय बनाने का काम करेंगे। महीने में एक मीटिंग भी होगी, जिसमें समस्या का निस्तारण भी किया जाएगा। 

अब दबिश में नहीं पिटेगी पुलिस 
बाहरी राज्य की पुलिस आकर दबिश देती और उनके साथ मारपीट होती है। ऐसे मामले बहुत आते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। दबिश देने आई पुलिस की जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी होगी। बाहरी राज्य की पुलिस के साथ लोकल पुलिस को दबिश में साथ भेजेंगे। पुलिस ने बताया कि अक्सर बाहरी पुलिस खुद ही दबिश देती थी, जिसके चलते उनके साथ मारपीट हो जाती थी। 

आईजी रेंज मेरठ रामकुमार का कहना है कि बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए सात राज्यों के पुलिस अफसरों की चंडीगढ़ में मीटिंग हुई है। जिसमें चर्चा हुई है कि एक दूसरे के राज्यों की पुलिस बदमाशों को पकड़वाने में मदद करेंगे। अपराधियों का डाटा सातों राज्यों की सोशल साइट पर रोजाना डाला जाएगा।

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