मेरठ। शहर में अंधाधुंध बिजली कटौती जारी है। सोमवार को एक लाख की आबादी को करीब सात घंटे तक बिजली नहीं मिली। इस कारण लोग गर्मी से बेहाल हो गए। इनवर्टर तक ठप हो गए। दोपहर 11 बजे बिजली काटी गई, जो शाम छह बजे ही सुचारु हो पाई।
परतापुर से लेकर मोदीपुरम तक रैपिड रेल का कार्य चल रहा है। पिलर बनाने के लिए एनसीआरटीसी दिल्ली और रुड़की रोड के करीब एक दर्जन बिजलीघरों की ओवरहेड विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड करने का काम कर रहा है। इसके लिए एनसीआरटीसी आए दिन चार से पांच घंटे का शटडाउन लेता है, लेकिन निर्धारित शटडाउन में काम पूरा नहीं होने पर इसे बढ़वा लिया जाता है। सोमवार को एनसीआरटीसी ने सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक के लिए शटडाउन लिया था। इसके चलते दिल्ली रोड के शारदा रोड, बिजली बंबा बाईपास बिजलीघर के अलावा पुराना आरटीओ और रुड़की रोड के एमईएस और सोफीपुर बिजलीघर क्षेत्र के लिए करीब 80 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप रही। लोगों के इनवर्टर ठप हो गए। काम पूरा नहीं होने पर शटडाउन को आगे बढ़वा लिया। शाम चार बजे तक भी बिजली नहीं आने पर लोगों ने बिजलीघरों और अधिकारियों को फोन करना शुरू कर दिया, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। शाम करीब छह बजे काम पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।
माधवपुरम बिजलीघर में हुआ फाल्ट
सोमवार सुबह करीब 11 बजे माधवपुरम बिजलीघर में हुए फाल्ट से इसके दो फीडर बंद हो गए। इसके चलते माधवपुरम के साथ ही ब्रह्मपुरी इलाके के करीब 20 हजार लोगों को शाम 6 बजे तक यानी सात घंटे तक बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। अधिशासी अभियंता जागेश कुमार ने बताया कि फीडरों को सही करके साढ़े बारह बजे चालू कर दिया था, लेकिन दोबारा से फिर बड़ा फाल्ट हो गया। इसके बाद फाल्ट ठीक करने में काफी देर लगी। शाम के समय आपूर्ति सामान्य कर दी गई।