वंदेमातरम को लेकर उपजा विवाद खत्म नहीं हो रहा है। इस मुद्दे पर अब हिंदू संगठन और संत भाजपा के पक्ष में आ गए हैं। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ न बोलने वालों पर कार्रवाई की मांग उठा दी है। बता दें कि मंगलवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में महापौर ने वंदेमातरम न गाने वालों को सदन में न बैठने देने का प्रस्ताव पास करा दिया था। इसे लेकर विपक्षी पार्षदों ने विरोध कर दिया था और कहा था कि वे वंदे मातरम नहीं बोलेंगे। इसी को लेकर शहर ही नहीं, देश की सियासत भी गर्मा गई थी।
उनके दिल में खोट है
मां नीलिमानंद महाराज और महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर का कहना है कि अगर उन्हें वंदेमातरम कहने में हिचक है, तो साफ है कि उनके दिल में खोट है। वह भारत को अपना देश नहीं मानते। हमारी धर्म-संस्कृति अलग हो सकती है, लेकिन वंदेमातरम तो राष्ट्रीय गीत है। वहीं भारत माता को माता कहने से गुरेज क्यों है। महापौर के निर्णय से हम सहमत हैं।