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'हिंदुस्तान में रहना है तो वंदेमातरम गाना है, विपक्षी बोले, नहीं...अल्लाह हू अकबर कहेंगे'

Sat, 01 Apr 2017 08:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ

सार

निगम बोर्ड बैठक में वंदे मातरम को लेकर बखेड़ा, वंदे मातरम शुरू होने से पहले ही विपक्षी पार्षद सदन से बाहर निकले, वंदे मातरम खत्म होते ही लौटे तो भाजपा पार्षदों ने की नारेबाजी, वंदे मातरम न गाने वालों को बोर्ड बैठक में स्थान न देने का प्रस्ताव पास 
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निगम की बैठक में हंगामा
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विस्तार
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नगर निगम बोर्ड बैठक में वंदे मातरम गायन शुरू होने से पहले ही विपक्षी पार्षदों द्वारा सदन छोड़ने पर मंगलवार को फिर विवाद हो गया। विपक्षी पार्षद जब वंदे मातरम खत्म होने के बाद लौटे तो यह प्रस्ताव पास कर दिया गया कि जो पार्षद वंदे मातरम के दौरान सदन में मौजूद नहीं रहेगा, उसे बोर्ड बैठक में स्थान नहीं दिया जाएगा। ऐसे पार्षदों की सदस्यता भी समाप्त की जा सकती है। इसको लेकर हुए हंगामे के बीच भाजपा पार्षदों ने ‘हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा’ के नारे लगाए तो विपक्षी पार्षद बोले कि ‘हिंदुस्तान में रहेंगे और अल्लाह हू अकबर कहेंगे’। 
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बोर्ड बैठक के प्रारंभ में वंदे मातरम गाया जाता है

हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम न बोलना होगा
बोर्ड बैठक वंदे मातरम के गायन से प्रारंभ होने की परंपरा रही है। इससे पहले भी कई बोर्ड बैठकों में इस बात को लेकर विवाद हो चुका है कि जैसे ही वंदे मातरम शुरू होता है, तो विपक्षी पार्षद सदन छोड़कर बाहर चले जाते हैं और जैसे ही वंदे मातरम समाप्त होता है, तो सभी विपक्षी पार्षद सदन में वापस आकर कुर्सी पर बैठ जाते हैं। ऐसा ही मंगलवार को टाउन हॉल के तिलक हॉल में आयोजित बोर्ड बैठक के दौरान हुआ। जैसे ही महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने सदन की कार्यवाही शुरू करने से पहले सभी को वंदे मातरम के लिए खड़े होने को कहा तो विपक्षी पार्षद शाहिद अब्बासी, दीवानजी शरीफ, अफजाल सैफी, नवाब कुरैशी आदि सदन से बाहर जाने लगे।

हिंदुस्तान में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा

निगम की बैठक में हंगामा
इस पर भाजपा पार्षदों विजय आनंद अग्रवाल, सेंसरपाल, किशन कन्हैया, सुधीर पुंडीर, हरीश कुमार, अशोक प्रधान आदि ने हूटिंग शुरू कर दी। साथ ही कहा कि हिंदुस्तान में रहना होगा तो वंदे मातरम कहना होगा। इसके बाद भी विपक्षी पार्षद सदन से बाहर चले गए। वंदे मातरम के बाद विपक्षी पार्षद सदन में लौटे तो कार्यवाही शुरू होते ही कुछ देर बाद भाजपा पार्षदों ने वंदे मातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए। दूसरे पक्ष ने भी नारेबाजी की। मामला गर्माते देख महापौर ने कहा वंदे मातरम न गाने वालों के खिलाफ कार्यवाही का प्रस्ताव सदन में रख दिया है। जिस पर सदन में मोहर लगा दी गई है।
प्रस्ताव पर पूरी तरह होगा अमल
 
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'वंदे मातरम राष्ट्र का सम्मान है'

निगम की बैठक में हंगामा
मेयर हरिकांत अहलुवालिया ने कहा, 'वंदे मातरम राष्ट्र का सम्मान है। जो राष्ट्र का सम्मान नहीं करेगा, उसे सदन में बैठने नहीं दिया जाएगा। यह प्रस्ताव सदन में पास हो चुका है। अब से पहले भी वंदे मातरम न गाने वालों का विरोध होता रहा है। शासन को भी अवगत कराते रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती थी। अब प्रस्ताव सदन में सर्वसम्मति से पास हो चुका है। इस पर पूरी तरह अमल किया जाएगा।'   
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