बिजनौर। बरकातपुर चीनी मिल के ईटीपी में तीन मजदूरों की मौत होने के बाद प्रशासन ने जांच के लिए चार सदस्य कमेटी गठित की है। यह टीम बरकातपुर सहित जिले सभी 10 शुगर मिल में सुरक्षा के उपाय जांचेगी।
इन मिलों के संबंध में खास बात यह है कि मिल के ईटीपी की जांच प्रदूषण विभाग संचालन से पहले ही करता है। इस साल आखिरी बार जांच महाकुंभ के दौरान फरवरी में की गई थी। बरकातपुर चीनी में बने ईटीपी में टैंक सफाई करने के लिए मजूदर उतरे। इस दौरान टैंक में मिथेन गैस की वजह से वह बेहोश हो गए और अधिक मात्रा में आए पानी की वजह से उनकी मौत हो गई। डीएम जसजीत कौर ने एसडीएम नजीबाबाद की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी गठित की, जिसमें जिला गन्ना अधिकारी, प्रदूषण विभाग के आरओ, श्रम विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
प्रदूषण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि कुंभ के दौरान सभी चीनी के ईटीपी की जांच की थी। उनसे गंगा में तो कैमिकल युक्त पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। अब जांच के बाद ही साफ होगा चीनी मिलों के ईटीपी में कितनी खामियां हैं। छोईया से लिए नमूनाें की 18 दिन बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट : प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने दो जुलाई को छोईया में बह रहे पानी का नमूना लिया था, जिसकी 18 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि पानी का सैंपल जांच के लिए लखनऊ सेंट्रल लैब भेजा गया था। जल्द ही रिपोर्ट आएगी।