राशन एजेंसी के स्टॉक व वितरण की जांच करते अधिकारी।
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मवाना। मवाना खुर्द में सील सस्ते गल्ली की दुकान को एसडीएम ने सोमवार शाम को अपनी उपस्थिति में खुलवाया और स्टॉक की जांच की। वहीं, शिकायत कर्ताओं के बयान दर्ज किए।
जानकारी हो कि शनिवार को शिकायत पर हस्तिनापुर क्षेत्र विधायक दिनेश खटीक के साथ मवाना खुर्द में पहुंचे एसडीएम ऋषिराज ने डीलर के ना मिलने पर सस्ते गल्ले की दुकान पर सील लगा दी थी। इस क्रम में सोमवार शाम एसडीएम ऋषिराज, आपूर्ति निरीक्षक रविंद्र कुमार, मार्केटिंग इंस्पेक्टर रमन उक्त दुकान पर पहुंचे। अधिकारियों ने पुलिस बुलाकर दुकान से सील खुलवाई और स्टॉक की गिनती की। वहीं, शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए गए। इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की की जाएगी। वहीं, उन्होंने कहा कि अगर किसी को राशन नहीं मिल रहा है तो अनुमति लेकर राशन ले सकता है। आपूर्ति निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि दुकान के स्टॉक व वितरण का मिलान किया जा रहा है। वहीं, मौके पर अधिकारियों को दुकान के बाहर चावल व गेहूं के कट्टे रखे मिले। शिकायतकर्ता नीटू त्यागी ने बाहर रखे कट्टों को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। वहीं, मौके पर मौजूद डीलर ने बताया कि कुछ स्टॉक रह गया था। जिसे वह आज दुकान पर लेकर आया है।
एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपा
मवाना। जांच को मवाना खुर्द पहुंचे एसडीएम को नीटू त्यागी ने शपथ पत्र के साथ आठ लोगों के नाम लिखा एक शिकायती पत्र दिया। पत्र में कहा कि कोविड महामारी के चलते सरकार ने गरीब किसानों को रात देने के लिए निशुल्क राशन वितरण कराने को डीलर को राशन उपलब्ध कराया था। लेकिन राशन डीलर ने अन्तोदय कार्ड धारकों को मानक से कम राशन देने के साथ पूरा पैसा भी वसूल किया गया। इस सबकी जानकारी खाद्य निरीक्षक रविंद्र को थी। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 बिंदुओं में की गई शिकायत में जांच के दौरान विधायक व ग्राम प्रधान को भी उपस्थित रहने का आग्रह किया।