करीब एक महीना दस दिन की छुट्टी के बाद परिषदीय स्कूलों के मंगलवार को ताले खुले। इस दाैरान स्कूलों में पहुंचे शिक्षक और शिक्षिकाओं ने साफ-सफाई में दिन गुजारा और जरूरी कार्य निपटाए।
मेरठ से हस्तिनापुर में मंगलवार को करीब एक महीना दस दिनों के बाद क्षेत्र के सभी परिषदीय स्कूल खुले लेकिन इनमें पढ़ाई शुरू नहीं हुई। शिक्षकों ने स्कूलों की साफ सफाई सहित अन्य कार्य निपटाए। 28 जून से स्कूलों में पठन-पाठन के लिए छात्र पहुंचेंगे। इसके बाद उनकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
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भीषण गर्मी के चलते सरकार की ओर से परिषदीय स्कूलों की छुट्टी 15 मई से 18 जून तक घोषित की गई थीं लेकिन गर्मी के चलते इस अवकाश को बढ़ा दिया गया। संशोधित आदेशों के अनुसार 25 जून को स्कूल खोले गए। हालांकि भीषण गर्मी को देखते हुए कई बड़े कार्यक्रम भी स्थगित किए गए। क्योंकि शिक्षकों ने भी उनका विरोध किया था।
अब मंगलवार को करीब एक महीना दस दिन की छुट्टी के बाद परिषदीय स्कूलों के ताले खुले। शिक्षकों को 25 जून से स्कूलों में बुलाया गया था जबकि बच्चों के 27 जून तक अवकाश बढ़ा दिए गया। अब ये अवकाश समाप्त होने की ओर हैं। मंगलवार से शिक्षक स्कूलों में पहुंचे। 27 जून तक स्कूलों की सफाई के साथ अन्य कार्य निपटाए जाएंगे।
खंड विकास क्षेत्र में करीब सौ परिषदीय स्कूल हैं जिसमें प्राथमिक और जूनियर व संयुक्त स्कूल संचालित है। क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों में पहले दिन पहुंचे शिक्षक शिक्षिकाओं ने स्कूलों के मुख्य गेट पर लगे ताले खुलवाए और उसके बाद अंदर साफ-सफाई अभियान चलाया, जिसमें कई स्कूलों में शिक्षिकाएं भी साफ-सफाई करती नजर आईं।
उन्होंने कहा कि अगले दो दिन स्कूलों की सफाई में ही गुजर जाएंगे। उसके बाद कागजी कार्रवाई के साथ स्कूल का नया सत्र शुरू होगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के सत्येंद्र कुमार ने बताया कि छात्र-छात्राएं 28 जून से सुबह 7.30 बजे से स्कूलों में पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इसके बाद शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा। 30 जून तक 'स्कूल चलो' अभियान के अंतर्गत बच्चों के नामांकन संबंधी कार्य किए जाएंगे।
1 जुलाई से स्कूल का समय सुबह 7.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक रहेगा। खंड शिक्षा अधिकारी कमल राज ने बताया कि शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षणेत्तर कर्मी 25 जून से स्कूल पहुंचकर प्रशासकीय दायित्वों का निर्वाहन करेंगे। 28 जून से बच्चे स्कूल पहुंचेंगे। विभाग से संबंधित सभी निर्देश क्षेत्र के सभी परिषदीय स्कूलों के जिम्मेदार शिक्षक शिक्षिकाओं को दे दिए गए हैं।
नए शिक्षण सत्र की पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी की लेट-लतीफी और शिक्षण कार्य में लापरवाही करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी को हिदायत दी गई है कि समय से स्कूल पहुंचे और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।