बागपत। सरूरपुर कलां गांव का प्राथमिक विद्यालय शराबियों का अड्डा बन गया है। वहां सुबह के समय शिक्षक पहुंचते हैं तो उन्हें शराब व पानी की बाेतलें परिसर में पड़ी मिलती हैं। शिकायतों के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ है। बीएसए के निरीक्षण मेें शिक्षिकाओं ने समस्या को रखकर निस्तारण की मांग की है। बीएसए ने मामले में कार्रवाई कराने के लिए डीडीओ को पत्र लिखा है। सरूरपुर कलां गांव में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर प्राथमिक स्कूल है। स्कूल परिसर में ही पंचायत घर व आंगनबाड़ी केंद्र बना हुआ है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक चले जाते है, लेकिन बाहर का गेट खुला रहता है। देर शाम तक सचिवालय खुला रहता है और जब कर्मचारी जाते है तो गेट बंद नहीं करते है। गांव के कुछ लोग स्कूल परिसर में बैठकर शराब पीते है और उसके बाद सभी सामान वहीं छोड़कर चले जाते है।
कई बार शिकायत की गई, लेकिन फिर भी शराबियों का स्कूल में आना बंद नहीं हो रहा है। बीएसए गीता चौधरी के निरीक्षण करने पर शिक्षिकाओं ने इस बारे में बताया। इससे बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। शिक्षिकाओं की शिकायत पर बीएसए ने डीडीओ को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया। इसके बाद डीडीओ अखिलेश कुमार चौबे ने डीपीआरओ को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में बैठकर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और प्रधान व सचिव की जिम्मेदारी तय की जाए, क्योंकि वहां सचिवालय बना हुआ है। शाम के समय जाते समय स्कूल गेट का ताला बंद करने के आदेश दिए, ताकि वहां शराबी न आ सकें।ट