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सपा, रालोद गठबंधन पर भाजपा की नजर

Wed, 01 Jun 2016 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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  विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। ऐसे में रालोद पर सभी की निगाहें हैं। लोकसभा में पूरी तरह साफ हो चुकी रालोद के लिए विधानसभा चुनाव जहां किसी संजीवनी की तरह होगा, वहीं दूसरे दल भी जाट वोटों के लिए रालोद का साथ पाने पर विचार कर रहे हैं। रालोद का सपा से गठबंधन होने की चर्चा तेज है। भाजपाइयों की नजर गठबंधन पर टिकी हैं।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मुस्लिम समीकरण पर राजनीति करने वाली रालोद को 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे से तगड़ा झटका लगा था। एक तरफ दंगे की आग और दूसरी तरफ मोदी लहर ने लोकसभा चुनाव में रालोद का पूरी तरह सुपड़ा साफ कर दिया।
बावजूद इसके कहीं न कहीं जाट वोटों में रालोद की जड़ें आज भी मजबूत नजर आती हैं। यही कारण है कि बसपा को छोड़ दें तो भाजपा, कांग्रेस और सपा तीनों ही पार्टियाें की नजर रालोद पर हैं। यह बात अलग है कि इस वक्त किसी तरह अस्तित्व बचाने की पहल रालोद में ज्यादा है।
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इन सबके बीच कांग्रेस से हटकर रालोद की तीसरे मोर्चे से गठबंधन की बात शुरू हुई, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ सकी। इसके बाद भाजपा से बात गठबंधन के बजाए विलय की शर्त में दम तोड़ गई। भाजपा से वार्ता का दौर ठंडा पड़ने के बीच सपा में अमर सिंह की वापसी हुई तो चौ. अजित सिंह के साथ सपा के गठबंधन की चर्चा तेज होना शुरू हो गयी।

जाट नेताओं में हैं ज्यादा उत्सुकता
पश्चिमी क्षेत्र में जाटों की राजनीति प्रभावी है। भाजपा में भी इस समय बागपत सांसद सतपाल सिंह और मुजफ्फरनगर सांसद संजीव बालियान तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। प्रभावी तौर पर देखें तो यह दोनों ही नेता रालोद से गठबंधन या विलय के पक्ष में नहीं हैं।
हालांकि कुछ नेता जाट वोटों को पूरी तरह अपने पक्ष में करने के लिए रालोद का सहारा चाहते हैं, ताकि विधानसभा चुनाव को आसान कर सकें। ऐसे में अब सपा के साथ गठबंधन पर भाजपाइयों के साथ ही जाट नेताओं की खासतौर पर नजर लगी है।
भाजपाइयों की मानें तो सपा के साथ रालोद का गठबंधन उनके लिए फायदे का सौदा सिद्ध होगा। भाजपाइयों का मानना है कि सपा से त्रस्त किसान और जाट इस गठबंधन के बाद सीधे भाजपा की तरफ रुख करेगा। दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत और मेरठ में तो इसका सीधा लाभ मिलेगा। जाट बहुल विधानसभा सीटों पर भाजपा अब ज्यादा बेहतर स्थिति में होगी।
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