कर्ज में डूबे 25 वर्षीय किसान ने जहर खाकर जान दे दी। उस पर किसान सेवा सहकारी समिति किठौर का बकाया था। समिति के नोटिस का मंगलवार को आखिरी दिन था, इससे पहले ही युवक ने दुनिया छोड़ दी। बुधवार को युवक का एक परीक्षा का बरेली में मेडिकल टेस्ट था।
किठौर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी विकास चौधरी (25) पुत्र अमन सिंह एसएससी की तैयारी कर रहा था। विकास पर किठौर बैंक का 90 हजार और किसान सहकारी सेवा समिति का 60 हजार रुपये कर्ज था। गन्ने का भुगतान न मिलने के कारण वह कर्ज नहीं चुका पाया।
20 मई को किसान सेवा सहकारी समिति की तरफ से एक नोटिस भेजा गया, जिसमें कहा गया कि 31 मई का समय आखिरी दिन है। यदि उससे पहले कर्ज नहीं चुकाया गया तो गांव में मुनादी कराई जाएगी। मंगलवार को विकास ने अपने छोटे भाई विनय और पिता से कर्ज के लिए बात की।
गांव के लोगों से भी उधार पैसे मांगे, लेकिन नहीं मिले। विकास घर से अपनी ट्यूबवेल पर गया और जहरीला पदार्थ खा लिया। जैसे ही आसपास के लोग वहां पहुंचे तो वह बेहोशी की हालत में पड़ा था। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और विकास को लोकप्रिय हॉस्पिटल में भर्ती कराया। सूचना पर किठौर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शाम के समय डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता हैं सांस की बीमारी से पीड़ित
अगवानपुर में अमन सिंह पर 20 बीघा जमीन है, वह सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। बड़ा बेटा अनिल ट्रक चलाता है, दूसरे बेटे सुशील की हाल ही में बीएसएफ में नौकरी लगी है। विकास को एक जून (आज) बरेली में मेडिकल टेस्ट के लिए जाना था। वह यूपी पुलिस की भर्ती की तैयारी भी क र रहा था। सबसे छोटा बेटा विनय है जो आईटीआई कर रहा है। अनिल और सुशील की शादी हो चुकी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पिता अमन सिंह और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटे भाई विनय ने बताया कि कई माह से विकास कह रहा था कि बस कुछ दिन और परेशानी झेलनी पड़ेगी। जल्द ही उसकी सरकारी नौकरी लगने वाली है। लेकिन उससे पहले ही विकास ने ऐसा कदम उठाया कि जिससे पूरा परिवार टूट गया।