हिंदुस्तान में भी हमास जैसा संगठन खड़ा करने साजिश रची जा रही है। हमें इसे नाकाम करना है, इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका जवाब हम विशेष वर्ग के दुकानदारों से सामान खरीदने का बहिष्कार कर दे सकते हैं। गद्दारों को जवाब देने होगा, उनका सामान खरीदना बंद कर दाे। इस्राइल के समर्थन का विरोध करने वाले मौलाना तौकीर रजा जैसों को जेल में डाल देना चाहिए।
महाराज दलपत सिंह ने भी इस्राइल के लिए बिना हथियार के लड़ाई लड़ी थी। इस मौके पर अरुण राणा भायला, राजपूत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कान सिंह राणा, संजीव चौहान, रामवीर पुंडीर, सत्यपाल प्रमुख, संजय सिंह, दीपक सोम, प्रताप सिंह चौहान, अनुज शर्मा, राजेश चौहान, आरती सिंह, सुभाष सिंह, शेर सिंह, सोमवीर आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता कुशवाहा चौबीसी के अध्यक्ष बुद्ध सिंह महाशय ने और संचालन कुशल ने किया।
इतिहासकारों की कमेटी या आयोग बने: संगीत सोम ने सम्राट मिहिर भोज का नाम लिए बिना कहा, राजपूत समाज सभी को जोड़ कर चलता है। चाहे वो गुर्जर समाज हो या अन्य समाज, हम सब मिलकर चले हैं। अब हमको एक राजनीति के तहत लड़ाने का काम किया जा रहा है, छुटभैया नेता आग लगाने का काम कर रहे हैं। इतिहासकारों की कमेटी बने या आयोग बनाया जाए, जो निर्णय हो, वो सबको मान्य होगा।
पश्चिमी उप्र के अलग राज्य की मांग के विरोधी हैं हम
संगीत सोम ने कहा कि कुछ लोग पश्चिमी उप्र की मांग कर रहे है, मगर हम इनके विरोधी हैं। उत्तर प्रदेश का बंटवारा किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। पश्चिम के जिलों को दिल्ली में जोड़कर भी विकास किया जा सकता है।
राजपूत समाज की जितनी हिस्सेदारी राजनीति में उतनी भागीदारी पर हुआ मंथन
क्षत्रिय चेतना चिंतन बैठक में मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जनपदों की 44 विधानसभाओं के लोग शामिल हुए। बैठक में राजपूत समाज की जितने हिस्सेदारी राजनीति में उतनी भागीदारी पर मंथन हुआ। वक्ताओं ने कहा, राजपूत समाज को जनसंख्या के अनुपात में बहुत कम राजनीति में प्रतिनिधित्व मिला है।
आने वाले चुनाव में क्षत्रिय समाज से एकजुटता दिखाने की अपील की गई। सवर्ण आयोग का गठन और नौकरियों व परीक्षाओं में आयु सीमा में छूट मिलने पर भी चर्चा की गई। बच्चों की अच्छी शिक्षा दिलाने, युवाओं से नशे से दूर रहने, एकजुट होकर रहने की भी अपील की गई।
राजपूत समाज के बड़े नेता नहीं पहुंचे
क्षत्रिय समाज की ओर से हुई चिंतन बैठक में राजपूत समाज के बड़े नेता नहीं आए। कार्यक्रम राजपूत समाज का था। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा तक नहीं आए।