लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल को लेकर कई राज खुले। बताया जाता है कि संदीप के कश्मीरी युवती से संबंध थे। इसके अलावा और भी कई बड़ी बातें सामने आई। पुलिस प्रशासन ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संदीप शर्मा के बारे में जानकरी के लिए उसके फुफेरे भाई मोरना निवासी अश्वनी उर्फ सोनू और उसके साथी आसिफ उर्फ कल्लू को हिरासत में लिया है। संदीप के साथ दोनों जम्मू-कश्मीर गए थे। काम पूरा होने के बाद दोनों लौट आए, लेकिन संदीप जम्मू-कश्मीर का ही होकर रह गया। इसके पीछे कश्मीरी युवती से उसके संबंध होने की बात भी सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि संदीप के साथ दिल्ली में खजूरी खास इलाके में एक ठेकेदार के यहां वेल्डर थे। 2013 में सरकारी पावर ग्रिड बनने का टेंडर निकला था, जिसे गाजियाबाद और जम्मू के ठेकेदार ने लिया था। संदीप, अश्वनी और उसका दोस्त आसिफ भी कश्मीर में काम करने गए थे। इनके साथ नोएडा के तीन युवक और लोनी के दो युवक भी थे। गाजियाबाद के ठेकेदार की तलाश में पुलिस की एक टीम वहां भेजी गई है। जम्मू-कश्मीर में करीब 13 माह बाद टेंडर का कार्य पूरा हुआ तो संदीप को छोड़कर बाकी सभी लोग घर लौट आए। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि संदीप के किसी कश्मीरी युवती से प्रेम-प्रसंग थे। इस वजह से संदीप घर लौटकर नहीं आया। माना जा रहा है कि युवती के संपर्क में आने के बाद ही आतंकी तंजीमों तक उसके ताल्लुकात हो गए।
आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल
लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी संदीप शर्मा के बारे में छानबीन में एक और अहम खुलासा हुआ है कि चार माह पहले संदीप को मीर बाजार इलाके से चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि संदीप ने पुलिस को गच्चा दे दिया। उसने खुद को कश्मीर निवासी आदिल बताकर जमानत ले ली। पुलिस अगर उसी समय उससे कड़ाई से पूछताछ करती, तो पहले ही मामले का खुलासा हो जाता।
आतंकी संदीप शर्मा के लश्कर से जुड़ने की जानकारी किसी को नहीं है। उसके साथ कश्मीर में काम करने गए उसके फुफेरा भाई अश्वनी को भी इसकी भनक नहीं थी। संदीप के बारे में चल रही छानबीन में एक और बात सामने आई है कि चार माह पहले वह पुलिस को चकमा दे चुका है। पता चला है कि इसी साल मार्च में पुलिस ने अनंतनाग के मीर बाजार इलाके से संदीप को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया था। उस समय उसने अपना नाम आदिल बताया था। पुलिस ने उस समय उसे चोर समझकर थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया था। बाद में पुलिस को उसके फर्जी नाम से रहने का सुराग लगा। मकान मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके भाई प्रवीण को फोन कर उसके बारे में जानकारी ली थी। सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में प्रवीण ने यह बात स्वीकार की है कि मार्च में अनंतनाग के एसएचओ का फोन उसके पास आया था। उस समय संदीप पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया, लेकिन पुलिस गोपनीय तरीके से उसकी खोजबीन में जुट गई थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही है कि संदीप को छोड़ने के पीछे पुलिस की कोई मिलीभगत तो नहीं थी। इतना ही नहीं शातिर दिमाग संदीप ने पुलिस को दूसरी बार भी चकमा देने की कोशिश की, लेकिन इस बार वह कामयाब नहीं हो पाया। एक जुलाई को ब्रिंटी-अनंतनाग के जिस मकान में दुर्दांत आतंकी बशीर लश्करी को उसके साथी समेत मारा गया, उसी मकान से रेस्क्यू किए गए लोगों में संदीप भी शामिल था। आर्मी की त्वरित पूछताछ में संदीप खुद को आदिल बताकर बच गया था, लेकिन आर्मी ने सभी लोगों के पहचान के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस की कई दिन की पूछताछ और वैरिफिकेशन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि आदिल का असली नाम संदीप शर्मा है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/