सहारनपुर में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में शामली में यातायात पुलिस में तैनात एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण मेरठ इकाई की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एएसआई पर आरोप है कि वर्ष 1993 से 2014 के बीच आरोपी ने करीब 53 लाख रुपये विभिन्न स्रोत से कमाए। मगर हैरानी की बात यह है कि इस अवधि में 76 लाख रुपये से ज्यादा कर खर्च किए। बाकी धनराशि का हिसाब नहीं मिलने पर ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सदर बाजार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब मामले की विवेचना की जा रही है।
मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण ईकाई के निरीक्षक शिवराज सिंह ने सहारनपुर सदर बाजार कोतवाली में यह रिपोर्ट दर्ज कराई। वर्तमान में एएसआई प्रदीप कुमार शामली जनपद में यातायात पुलिस में तैनात है। रिपोर्ट में बताया गया कि मेरठ के ग्रीन पार्क निवासी प्रदीप कुमार के खिलाफ 2014 में पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की गई थी। इसकी जांच भ्रष्टाचार निवारण इकाई मेरठ को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि प्रदीप कुमार एक सितंबर 1985 को यूपी पुलिस में आरक्षी (कांस्टेबल) पद पर भर्ती हुआ। इसके बाद प्रदीप कुमार ने एक जनवरी 1993 से 31 दिसंबर 2014 के बीच अपनी आय के विभिन्न स्रोत में वेतन, भत्ता, एरियर, बैंक लोन और कृषि आदि से 53,55,404 रुपये एकत्र किए। लेकिन इस दौरान 76,85,441 रुपये खर्च भी किए। आमदनी से ज्यादा खर्च की गई धनराशि करीब 23 लाख रुपये कहां से आए है, इसका कोई हिसाब नहीं दिया गया। जांच के बाद एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।