सहारनपुर के देवबंद में तेज गति से कैंटर दौड़ा रहे क्लीनर को आई एक झपकी ने चार श्रद्धालुओं को मौत की नींद सुला दिया। हादसा इतना भीषण था कि कैंटर करीब 100 मीटर तक श्रद्धालुओं को घसीटता चला गया। जांच में यह भी सामने आया कि सुबह की खाली सड़क पर परिचालक को स्टेयरिंग थमाकर चालक पीछे की सीट पर सो गया।
मां शाकंभरी देवी से ज्योत लेकर श्रद्धालु अपने गांव की ओर बढ़ रहे थे। मां के जयकारों के साथ श्रद्धालु एक-दूसरे से कदमताल कर रहे थे, लेकिन शनिवार सुबह उनकी जिंदगी के लिए आखिरी सुबह बन गई। देवबंद में हाईवे स्थित फ्लाईओवर पर हुए इस भीषण हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कैंटर श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर और ज्योति से सजी रेहड़ी को 100 मीटर तक घसीटता ले गया।
फ्लाईओवर की दीवार से टकराने के बाद ही कैंटर रुका। बताया गया कि हादसे के समय कैंटर की स्टेयरिंग परिचालक के हाथ में था, जबकि चालक पीछे की सीट पर सो रहा था। दावा है कि क्लीनर को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। टक्कर लगने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सड़क पर घायल श्रद्धालु मदद के लिए कराह रहे थे। वहीं कुछ ही पलों में खुशियों के साथ घर लौटने की उम्मीद मातम में बदल गई।
पुलिस की सक्रियता से घायलों को समय से मिला उपचार
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपनी गाड़ियों से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इतना ही नहीं, रास्ते से गुजर रहे बाइक सवारों को रोककर भी घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। समय रहते मिले उपचार से कई गंभीर घायलों की जान बचाने में मदद मिली।
परिचालक नशे में नहीं था बल्कि सुबह का समय होने के कारण उसे झपकी आई होगी और यह हादसा हो गया। घायलों के परिजन उनका उपचार करा रहे हैं, इसलिए अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।- अमित कुमार सिंह, सीओ, देवबंद।
एक पल में मातम में बदल गईं खुशियां
देवबंद में फ्लाईओवर पर हुए हादसे हादसे का मंजर देखकर हर किसी का दिल कांप गया। हादसा इतना भीषण था कि एक पल में सब खत्म हो गया। हादसे में किसी का सिर फटा तो किसी की छाती में अधिक चोट आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती में अधिक चोट की वजह से मौत होना आया है। इसके अलावा पेट के नीचे का हिस्सा भी बुरी तरह खत्म था।
माता की ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को कैंटर ने रौंदा, चार की मौत, 15 घायल
सहारनपुर के देवबंद में मां शाकंभरी देवी से ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं को शनिवार सुबह देवबंद हाईवे पर तेज रफ्तार कैंटर ने रौंदते हुए आगे चल रही ज्योति, ट्रॉली और डीजे वाहन को भी टक्कर मार दी। हादसे में मेरठ के सरधना निवासी अमन (23), रमेश उर्फ बिल्लू (45), सागर (25) और सतेंद्र (40) की मौत हो गई, जबकि 15 श्रद्धालु घायल हो गए। पुलिस ने चालक-परिचालक को हिरासत में ले लिया है। कैंटर को क्लीनर चला रहा था, जबकि चालक पीछे सो रहा था। क्लीनर को झपकी आने की वजह से हादसा हुआ।
मेरठ की सरधना तहसील क्षेत्र के गांव कुशावली के 19 श्रद्धालु सात अक्तूबर को माता शाकंभरी देवी के दर्शन करने आए थे। शनिवार सुबह करीब सात बजे सभी माता की ज्योति लेकर पदयात्रा करते हुए लौट रहे थे। देवबंद में हाईवे पर स्थित फ्लाईओवर पर श्रद्धालुओं ने रस्सी का घेरा बनाया और कुछ देर के लिए रुक गए। उनके साथ चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे लगा छोटा हाथी वाहन और माता की ज्योति से सजी रेहड़ी सड़क किनारे खड़ी कर दी। इसके कुछ श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्राॅली में जाकर बैठ गए और कुछ फ्लाईओवर से नीचे चले गए, जबकि कुछ श्रद्धालु ज्योति के पास खड़े रहे।
इसी बीच पीछे से आया बर्तनों से लदा तेज रफ्तार कैंटर श्रद्धालुओं को रौंदते हुए ज्योति वाले रेहड़े को तोड़कर उसके आगे खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा टकराया। इसमें श्रद्धालुओं के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अपनी गाड़ियों, राहगीरों की बाइकों और एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया। सीएचसी पर चिकित्सकों ने अमन, रमेश उर्फ बिल्लू को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में सागर और सतेंद्र की जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कैंटर क्लीनर चला रहा था। चालक पीछे वाली सीट पर सो रहा था। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
हादसे में यह श्रद्धालु हुए घायल
हादसे में सुमित (19), बिट्टू (22), वंश (17), कुलदीप (29), नरेंद्र (60), मोनू (23), मन्नू (9), निखिल (18), सन्नी (23), रवि (45), जितेंद्र (22), विक्रांत (20), रजनीश (40), अंकुर (24) और ऋतिक (14) घायल हो गए। इनमें आठ घायलों को गंभीर हालत में मेरठ, जबकि अन्य को सहारनपुर रेफर किया गया।