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सहारनपुर शराब कांड पर जोन में अलर्ट, मेरठ में छह साल पहले गई थी पांच की जान

Sat, 09 Feb 2019 11:58 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सहारनपुर के शराब कांड की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक जा पहुंची। मुख्यमंत्री और डीजीपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मेरठ जोन के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा। निर्देश दिए कि शराब माफियाओं पर गैंगेस्टर एक्ट लगाकर उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करें। अवैध शराब के कारोबार सख्ती से रोक लगाने के भी निर्देश दिए।
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शुक्रवार को जहरीली शराब से लोगों की मौत की सूचना पर पुलिस और प्रशासन में खलबली मच गई। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार के मुताबिक जोन के सभी एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह अपने जिलों में शराब माफियाओं की सूची तुरंत बनाएं। कितने शराब माफिया हैं और कितनों पर क्या कार्रवाई की है, इसकी एक रिपोर्ट तैयार रखें, ताकि वह मुख्यमंत्री और डीजीपी को इसके बारे में बता सकें। साल 2018 में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट सभी जनपदों से तलब की गई। 

सख्ती से चलेगा अभियान  
अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलेगा। जहरीली शराब लोगों को जान ले रही है, इसको लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों में खलबली मची है। रोजाना अभियान चलाकर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश लखनऊ से दिए गए हैं। 

1062 शराब माफिया भेजे जेल 
मेरठ पुलिस ने साल 2018 और इस साल शराब बेचने व सप्लाई करने के 1062 आरोपियों को जेल भेजा है। पुलिस का दावा है कि 45 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इसके अलावा मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत समेत कई जनपदों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

मेरठ में जहरीली शराब ने ली थी पांच की जान  
छह साल पहले हस्तिनापुर में भी जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हुई थी। इसको लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच कराई, जिसका नतीजा शून्य निकला। सहारनपुर में शराब कांड हुआ तो पुलिस को हस्तिनापुर कांड याद आया। जिसमें आरोपी पुलिस की जांच में बेकसूर निकले। 

होली का त्यौहार था। तारीख 29  मार्च 2013 व दिन बृहस्पतिवार था। हस्तिनापुर की मनोहर कॉलोनी में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों किशनपाल, राजू, महेंद्र कुमार, राजकुमार और मनोज की मौत हो गई थी जबकि एक दर्जन लोगों की हालत बिगड़ गई थी। इसको लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया था। पुलिस का दावा है कि हस्तिनापुर की घटना के बाद से होली, दीवाली और अन्य त्योहारों पर भी शराब बेचने वालों के अभियान चलाया जाता है।  

25 पर गैंगेस्टर, दो की संपत्ति जब्त 
डीआईजी अखिलेश कुमार के मुताबिक मेरठ जिले में शराब माफिया गणेश निवासी टीपीनगर, शहजाद पासा निवासी खरखौदा, रमेश प्रधान निवासी मंगतपुरम, ब्रह्मपुरी और अजय कुमार निवासी इंचौली सहित 25 शराब माफियाओं पर गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई। जिसमें माफिया गणेश और शहजाद पासा की अवैध शराब से इकट्ठा की गई लाखों रुपये की संपत्ति जब्त की गई। वहीं, शराब माफिया रमेश प्रधान व अजय कुमार की संपत्ति जब्त करने की कार्यवाही अभी प्रक्रिया में है। इसके अलावा कई शराब माफिया रडार पर हैं। 

जहरीली शराब के चार अड्डे
मेरठ के हस्तिनापुर, बहसूमा, परीक्षितगढ़ और किठौर में जहरीली शराब बनती है। पुलिस का फोकस भी इन चारों थानाक्षेत्र में सबसे ज्यादा होता था। एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार अवैध शराब की भट्ठियों को कई बार ध्वस्त कराया गया, शहर में भी अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया गया, इसके बावजूद जहरीली शराब बिकनी बंद नहीं हुई। टीपी नगर में कई लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। कई इलाकों में खुलेआम अवैध शराब बेची जाती है।  
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भंडाफोड़ होने पर चलता है अभियान 
देहात के इलाकों में अवैध शराब की भट्ठियां धधक रही हैं, इसको लेकर अमर उजाला ने कई बार अभियान चलाया। भंडाफोड़ होने पर पुलिस-प्रशासन की नींद टूटी, जिसके बाद अभियान चलाया गया। लेकिन उसके बाद फिर से अवैध शराब के कारोबारियों को छूट देने से लोगों की जान जा रही हैं।

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