यह सिंचाई के पानी से त्रस्त किसानों का गांव है, हमारी समस्या न सुलझाने वाले राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि गांव में प्रवेश न करें। ये लाइनें किसानों का दर्द बयां कर रही है। गंगा की लिंक नहर से पानी दिलवाने की मांग पूरी नहीं होने पर 14 गांव के लोगों ने इन लाइनों के पोस्टर बैनर गांवों में लगवा दिए है। मामला यूपी के सहारनपुर जनपद का है।
बडगांव में पिछले तीस वर्षों से यमुना से जड़ौदा पांड़ा क्षेत्र के गांव शेरपुर, घिसरपड़ी, मौरा, जयपुर, हसनपुर लौटनी, तिलफरा, नया गांव, बालू माजरा, कल्लन हेड़ी, ऊमरी मजबता सहित करीब 14 गांव के किसानों को पहले यमुना से खेती करने के लिए पानी की सप्लाई होती थी। लेकिन किसानों का कहना है कि अब उन्हें यमुना से खेती करने के लिए नल्हेड़ा रजबाहे में बिलकुल भी पानी नहीं मिल रहा है। इसी के चलते किसान पिछले दस वर्षों से क्षेत्र से होकर गुजर रही गंगा की लिंक नहर से मात्र 34 क्यूसेक पानी नल्हेड़ा रजबाहे में दिलाए जाने की मांग करते चले आ रहे हैं। पानी नहीं मिल पाने से किसानों ने भूख हड़ताल से लेकर आत्मदाह तक की चेतावनी दी। यही नहीं क्षेत्र में उप चुनाव बहिष्कार तक किए, लेकिन इन तमाम प्रयासों के बाद भी गंगा की लिंक नहर से पानी नहीं मिल पाया।
इस पर किसानों ने पहले गंगा अवतरण संघर्ष समिति का गठन किया। पानी नहीं मिलने से पीड़ित 14 गांव के किसानों ने बैनर व पोस्टर लगाकर राजनीतिक दलों व जनप्रतिनिधियों को गांव और घर में न घुसने की हिदायत दी है।
वहीं किसान शिवकुमार राणा ऊमरी मजबता का कहना है कि उनके खेतों को करीब 30 वर्षों से पानी नही मिल रहा है वे गंगा की लिंक नहर से पानी की मांग कर रहे हैं। बालूमाजरा के कर्णसिंह प्रधान एवं पूर्व प्रधान कृष्णपाल सिंह का कहना है कि जब तक गंगा की नहर से पानी नहीं दिया जाता तब तक ऐसे ही विरोध जारी रहेगा।
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