ऑल इंडिया जमीयत राजपूत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा
- फोटो : अमर उजाला
सन 1947 में देश के बंटवारे के बाद जो मुसलमान भारत में रह गए हैं उन्हें यहां उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के इस बयान को लेकर उलमा ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उलमा का कहना है कि आजम खां का बयान सरासर गलत है क्योंकि हिंदुस्तान हमारा देश है और हमारे उलमा ने कुर्बानियां देकर इस देश को आजादी दिलाई।
ऑल इंडिया जमीयत राजपूत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा ने कहा कि हिंदुस्तान की आजादी में हमारे बड़ों की कुर्बानियां रही हैं इस धरती में हमारे बुजुर्गों का खून शामिल है। इसलिए यह मुल्क हमारा था हमारा है और हमारा ही रहेगा। जो लोग बेतुके बयान दे रहे हैं वो केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जहां तक भीड़ हिंसा की वारदातों का मसला है, तो वह कुछ फिरकापरस्त मुठ्ठी भर लोग ऐसी हरकतें कर मुल्क के अमन चैन को खतरे में डाल रहे हैं। कारी मुस्तफा ने कहा कि भाजपा ने दोबारा केंद्र में सरकार बनाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारा दिया है कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास। इसलिए हमें सरकार से पूरी उम्मीद है कि वह इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेगी और इन पर पूर्णतया रोक लगाने का काम करेगी।
मौलाना सगीर कासमी ने भी आजम खां के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए। इतिहास गवाह है कि हमारे बुजुर्गों ने इस मुल्क की आजादी के लिए क्या-क्या कुर्बानियां दीं।
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