उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नाबालिग भांजी से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मामा को न्यायालय ने दोषी माना। उसको 10 साल का कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 62 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह वारदात 2019 में हुई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि पिछले वर्ष शेखपुरा चौकी क्षेत्र की रहने वाली किशोरी की मां बीमार चल रही थी। मंडी कोतवाली क्षेत्र की इंदिरा कालोनी में उसका मामा दानिश रहता है। वह किशोरी और उसकी मां को अपने साथ ले गया था। आरोप है कि दानिश ने बहलाने के बाद किशोरी से दुष्कर्म किया।
इसके बाद भी डरा धमकाकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब वह गर्भवती हो गई तो, परिजनों को इसका पता चला। पीड़िता ने अपनी मां को आपबीती सुनाई। इसके बाद आरोपी दानिश के खिलाफ मंडी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मामले में पुलिस ने विवेचना के उपरांत दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। केस की सुनवाई अपर जिला एवं विशेष न्यायाधीश (कक्ष संख्या 14) ललिता गुप्ता की अदालत में चली।
दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी दानिश को दोषी पाया। आरोपी दानिश को 10 साल कारावास और 62 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया गया।