डॉ. नवाज देवबंदी
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कश्मीर के पुलवामा में जवानों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत-पाक के बीच चल रहे तनातनी के माहौल को लेकर विख्यात शायर डॉ. नवाज देवबंदी का कहना है कि दहशतगर्दी एक नासूर है इसका खत्म होना बेहद जरूरी है। आतंकवाद किसी भी मजहब में हो या फिर किसी भी मजहब की तरफ से हो वो जायज नहीं है।
बुधवार को अमर उजाला से बात करते हुए प्रसिद्ध शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने अपने अंदाज में दहशतगर्दी की पुरजोर तरीके से मुखालफत की। देवबंदी ने कहा कि आतंकवाद नासूर बन चुका है जिसका खात्मा बेहद जरूरी है। आतंकवाद के नाम पर मजलूम लोगों के साथ जो जुल्म हो रहा वो किसी भी मजहब या किसी भी मुल्क में जायज करार नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि हमारे मुल्क के मुहाफिजों (सेना के जवानों) के साथ जुल्म हुआ है जिसका जवाब दिया जाना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इस जुल्म के खिलाफ तमाम मजाहिब (धर्मों) के लोग बिना किसी भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक आवाज होकर इसकी निंदा कर रहे हैं और आतंकवाद के विरुद्ध आवाज बुलंद कर रहे हैं, जो मुल्क के लिए अच्छे संकेत हैं।