उन्होंने अपराजिता अभियान से छात्राओं को जोड़ते हुए कहा कि छात्राएं स्वयं को कमजोर न समझें। मन से मजबूत हों, आत्मशक्ति बढ़ाएं। उन्होंने तीन देवियों के उदाहरण दिए कि विद्या, शक्ति और समृद्धि दाता देवियां ही हैं। जहां देवियों की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं। अपनी सोच का तरीका बदलें, किसी से हार न मानें। समाज के उत्थान के लिए पुरुषों के साथ महिलाओं को कदम मिलाकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि यूपी 100 ने कई समस्याओं का समाधान किया है। दस मिनट में यूपी 100 की सेवा लोगों को मिल रही है। 1090 की सुविधा ने छात्राओं, महिलाओं को सुरक्षित किया है।
इस मौके पर कॉलेज अध्यापक अरविंद शर्मा, चौधरी वीरेंद्र सिंह, अनिल माहेश्वरी, कल्पना शर्मा, गुलशन कुमार, सुमन जैन, चंद्रशेखर मौजूद रहे। प्रबंधक विनोद माहेश्वरी ने आभार व्यक्त किया।
शुरुआत स्वयं से करें
यातायात प्रभारी तेज प्रताप सिंह ने कहा कि यातायात के नियमों के पालन से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसकी शुरुआत स्वयं से करें। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का कारण तेज गति, अधिक सवारी तथा गलत तरीके से वाहन चलाना है। दुर्घटनाओं में भारत दुनिया में पहले नंबर पर है। इनको रोकने के लिए जागरूक होना होगा। उन्होंने वुमेन पावर लाइन के बारे में बताया। छेड़छाड़ के मामले में 1090 पर कॉल करें, जिसकी जो भी भाषा होगी, उसी भाषा में बात की जाएगी। महिला ही फोन उठाएगी। उसके बाद पुलिस मदद करेगी। न तो उसे किसी थाना पर बुलाया जाएगा और न ही उसका नाम सार्वजनिक किया जाएगा। इसलिए निडर बनो और परिस्थिति का सामना करो।
मन की शक्ति से जीता जा सकता है : वीना शर्मा
एंटी रोमियो स्क्वाड टीम की उप निरीक्षक वीना शर्मा ने छात्राओं में जोश भरते हुए कहा कि चींटी जैसा जीव भी हार नहीं मानता और बार-बार प्रयास के बाद सफलता प्राप्त कर लेता है। छात्राओं को हार नहीं माननी है, मन की शक्ति होनी चाहिए, फिर किसी का भी सामना कर सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नारा लगवाया आई एम द बेस्ट। छात्राएं मानसिक तौर पर मजबूत बनें। अपने पास रखी हर वस्तु को हथियार बनाएं, चाहे वह सेफ्टी पिन ही क्यों न हो।
छात्रा ने बताया अपराजिता का महत्व
एसपी यातायात विनीत भटनागर ने अपराजिता के बैनर के बारे में जानकारी दी और उसका महत्व पूछा। जिस पर छात्रा दिव्या ने अपराजिता का विस्तार से महत्व बताया। दिव्या ने कहा कि अपराजिता के बैनर पर दिखाई दे रहे महिला के चित्र में महिला बेशक आर्थिक रूप से कमजोर नजर आ रही है, लेकिन उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का भाव झलक रहा है।
छात्रा ने यूपी 100 का महत्व बताया
छात्रा शालिनी राज ने यूपी 100 के बारे में अपने अनुभव को साझा किया। शालिनी ने बताया कि उसके मोहल्ले में रात में एक असामाजिक तत्व पहुंच गया, 100 नंबर पर फोन मिलाया। पांच मिनट में ही पुलिस की गाड़ी पहुंच गई। जबकि उसने सुना था कि पुलिस काफी देर में पहुंचती है।
विद्यार्थियों के सवाल, एसपी यातायात विनीत भटनागर के जवाब
--छात्रा समक्षा वंश - पुलिस अधिकारी दिन-रात ड्यूटी करते रहते हैं, इतना स्टेमिना कैसे आता है।
--एसपी यातायात - पुलिस के चिह्न में दो रंग होते हैं, एक लाल और दूसरा नीला। लाल रंग जोश भरता है, नीला रंग शांति और धैर्य का प्रतीक है। यह चिह्न प्रेरणा देता है।
-- छात्रा स्नेहा शर्मा - हर ओर जाम लगा रहता है, शहर जाम से कब मुक्त हो पाएगा ?
-- एसपी यातायात - शहर की सड़कें जितनी दशकों पहले चौड़ी थीं, अब भी उतनी ही चौड़ी हैं, जबकि वाहनों की संख्या काफी अधिक हो गई है। बाहर का यातायात भी यहीं से होकर गुजर रहा है। बाईपास बनने के बाद स्थिति में सुधार होगा।
-- शिवानी दीक्षित - किसी छात्रा से कोई छेड़छाड़ कर रहा है, छात्रा के पास मोबाइल फोन नहीं है, ऐसे में छात्रा क्या करे?
-- एसपी यातायात - कोई छेड़छाड़ करता है तो छात्रा उसका सामना करे, शोर मचाए, आसपास के लोगों से मदद लें, किसी अन्य से फोन लेकर यूपी 100 को फोन करे।
-- अंशुल धारिया - छात्राओं पर तेजाब डालने की घटनाएं हो रहीं हैं, फिर बिक्री पर रोक क्यों नहीं ?
-- एसपी यातायात - तेजाब किसी पर डालने के लिए नहीं बल्कि अन्य उपयोग के लिए है। जिस प्रकार घर में चाकू का काम सब्जी काटने के लिए होता है, लेकिन उसका दुरुपयोग किया जाए तो किसी का नुकसान भी हो सकता है।
-- स्नेहा शर्मा - तेजाब डालने की वारदात करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई ?
-- एसपी यातायात - पुलिस ने तेजाब डालने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जा रही है।
-- तनु सलोत्रा - चौराहों पर ट्रैफिक लाइटों को पालन क्यों नहीं करा पा रही पुलिस ?
-- एसपी यातायात - चौराहों पर लगी लाइटों को ठीक कराया जा रहा है, लेकिन पालन करना लोगों का कर्तव्य है। लोग सिर्फ अधिकार जानते हैं, कर्तव्य नहीं समझते।
-- छात्र शिवम शर्मा - यातायात के नियमों का उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होती है ?
-- एसपी यातायात - यातायात पुलिस चौराहों पर लोगों का चालान करती है, जुर्माना वसूल करती है।
-- छात्र शुभम ठाकुर - नो एंट्री के बावजूद शहर में भारी वाहन कैसे आ रहे हैं। उनको क्यों नहीं रोका जा रहा, उनसे शहर में जाम लग रहा है और दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
-- एसपी यातायात - कुछ स्थानों पर नो एंट्री लागू है। हर सड़क पर नो एंट्री नहीं है। भारी वाहनों को रोकने का प्रयास रहता है।
वहीं बिजनौर में भी अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के अंतर्गत मोहम्मद अली जौहर गर्ल्स इंटर कॉलेज में बेटियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए नुक्कड़ नाटक और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
प्रधानाचार्या ज्योति शर्मा ने छात्राओं को चेहरे पर आत्मविश्वासी मुस्कान लाने, जीवन के हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का परचम लहराने की शपथ दिलाई। उन्होंने महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग के माध्यम से बेटी को परिवार की सशक्त कड़ी बताया। बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रसेवा स्वप्न को साकार बनाने की सलाह दी। वरिष्ठ शिक्षिका शगुफ्ता रहमान के निर्देशन में बालिकाओं ने ‘बेटी आन, बान और शान’ शीर्षक से संदेशपरक लघु नाटिका से सभी का मनमोह लिया। सानिया, अर्शी, समर जहां, इकरा, मंतशा ने समाज में बेटी के महत्व को उजागर किया। शिक्षिका अल्मास खान, संजीदा परवीन, अदब, अलीजा परवीन, आफिया, वसिया, कुलसुम, इकरा, सफिया सहित कई छात्राओं ने काव्य गोष्ठी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर विचार रखे। स्कूल के अध्यक्ष खुर्शीद आलम ने अमर उजाला के अपराजिता अभियान का महिला सशक्तिकरण की मजबूत धुरी बताते हुए स्वागत किया।
सोच बदली है
प्रधानाचार्या ज्योति शर्मा ने कहा कि नारी सशक्तिकरण और नारी सम्मान की दृष्टि से अपराजिता मुहिम अद्वितीय है। सरकार और अमर उजाला के प्रयास से समाज की सोच में बदलाव आया है। समाज को अभी बेटियों की कम उम्र में शादी करने की सोच बदलनी है और बेटियों की आगे बढ़ने की सोच और कल्पनाओं को परवाज देनी है।
परिवार और समाज की तरक्की की रीढ़ महिलाएं
शिक्षिका शगुफ्ता रहमान का कहना है कि महिलाओं की तरक्की के बिना परिवार और समाज की तरक्की नामुमकिन है। समाज को अपनी संकीर्ण सोच त्याग कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना होगा।
अनूठी पहल ने की स्वाभिमान की रक्षा
शिक्षिका सरवत परवीन ने कहा कि बेटियों ने हर मोर्चे पर परचम लहराया है। बाल विकास मंत्रालय ने महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल से महिलाओं के स्वाभिमान और मस्तक को ऊंचा किया है। बालिकाओं और महिलाओं के शोषण पर भी अंकुश लगा है।
घर और समाज की रोशनी हैं बेटी
शिक्षिका नाहिद कहती हैं कि बेटियां घर और समाज की रोशनी हैं। किसी भी क्षेत्र में बेटियों और महिलाओं को कम आंकना समाज की भूल है।
छात्राओं ने खुलकर रखे विचार
कक्षा 11 की छात्रा इकरा ने कहा कि अपराजिता अभियान ने नारी सम्मान को बढ़ाया है। युवतियां पढ़ लिखकर हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं।
कक्षा नौ की छात्रा सुंबुल कहती हैं कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने कन्या भ्रूण हत्या को रोककर बेटियों को जीने और आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
कक्षा नौ की छात्रा सानिया परवीन जागरूकता अभियान के बावजूद लड़कियों के अनुपात में आ रही कमी से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को बचाने की मुहिम के प्रति समाज को जागना होगा।
कक्षा 11 की छात्रा अलीना कविता के माध्यम से बेटी और महिला को समाज का अभिन्न अंग मानतीं हैं। कहती हैं कि युवतियों ने जमीन से आसमान तक अपनी काबिलियत का परचम लहराया है।
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