सिसकियों में बदल गईं किलकारियां
अंबेहटा। जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां कुछ ही देर बाद सिसकियां और मातम पसर गया। इकलौते बेटे की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अफवान की मां बार-बार बेहोश हो रही थी और पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मोहल्ले में भी लोग गमजदा थे।
कस्बे के मोहल्ला झाबरी निवासी इरफान रिक्शा चलाकर अपना और परिवार का पेट पालता है। मंगलवार दोपहर तक अफवान अपनी बहन मासूम के साथ हंसी खुशी घर में खेल रहा था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि घर की किलकारियां कुछ ही देर में चीखों और सिसकियों में बदल जाएंगी। अफवान को जैसे ही चिकित्सकों ने मृत घोषित किया, उसकी मां पछाड़ खाकर गिर पड़ी। लाडले को याद कर वह बार-बार बेहोश होती रही। परिवार की महिलाएं उसे संभालने की नाकाम सी कोशिश करती दिख रही थीं। अफवान के पिता इरफान का भी रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार ही नहीं, पूरा मोहल्ला सदमे में है।
बच्चों का रखें ध्यान
अफवान की मौत ने एक सवाल भी छोड़ दिया है कि जरा सी लापरवाही किस तरह जान पर बन आती है। जिस घर में बच्चे हैं, उस घर के लोगों को जागरूक होना होगा।
1. बाथरूम या कमरे में पानी से भरी बाल्टी या कोई बर्तन न रखें।
2. बिजली के सॉकिट या तार बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
3. मोबाइल का चार्जर सॉकिट में लगाकर बिल्कुल न छोड़ें।
4. फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. नवदीप गुप्ता ने बताया कि पानी से भरे बर्तन में यदि बच्चा गिर भी जाएं, तो उसे पैरों से पकड़कर उल्टा लटकाएं और पानी निकालने का प्रयास करें। जितनी जल्दी हो सके ऑक्सीजन दिलाएं। डॉक्टर के पास ले जाएं।