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अफसरों की अनदेखी पर अमर उजाला की पड़ताल, कभी भी जा सकती है किसी की जान, सबूत है ये तस्वीरें

Thu, 17 Oct 2019 05:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पानी की टंकियां - फोटो : अमर उजाला
मेरठ शहर में आधा दर्जन पानी की टंकियां तय मानकों के अनुसार अपनी उम्र (50 वर्ष) पूरी कर चुकी हैं। जलकल विभाग इन्हें जर्जर घोषित कर चुका है। कई साल से ये प्रयोग में भी नहीं हैं। आशंका है कि ये पानी के बड़े टैंक कभी भी ध्वस्त होकर दर्जनों लोगों की जान ले सकते हैं।

इनके आसपास कॉलोनी में रहने वाले लोग कई बार नगर निगम और जल निगम अधिकारियों से इन टैंकों के ध्वस्तीकरण की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शायद उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभाने से पहले किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
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water tank - फोटो : अमर उजाला
केस-1
एच ब्लॉक शास्त्रीनगर टंकी वाले पार्क में दो ओवरहेड टैंक बने हैं। इनमें से एक पानी की टंकी 55 साल पुरानी है। ये अपनी तय उम्र पूरी कर चुकी है। टंकी को जर्जर मानकर जल निगम ने इसका उपयोग बंद कर दूसरी टंकी का निर्माण करा दिया, लेकिन पुरानी टंकी को ध्वस्त नहीं कराया।

केस-2
कसेरूखेड़ा में भी बनी पानी की टंकी अपने निर्माण के 50 साल पूरे कर चुकी है। फिलहाल पूरी तरह जर्जर है। इसको लेकर आसपास रहने वाले लोग भयभीत है। इसके बाद भी नगर निगम व जल निगम के अधिकारी इसके संबंध में कोई निर्णय नहीं ले रहे हैं।
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water tank - फोटो : अमर उजाला
केस-3
सिविल लाइन क्षेत्र में नगरायुक्त आवास के पास खड़ी पानी की टंकी भी जर्जर हो चुकी है। नगर निगम ने इस टंकी को भी जर्जर टंकियों की सूची में शामिल किया है, लेकिन इसको भी ध्वस्त करने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

केस-4
टीपीनगर क्षेत्र की कालंदी कॉलोनी में खड़ी पानी की टंकी को बने 55 साल से अधिक समय हो गया है। जलकल विभाग ने टंकी को पूरी तरह खत्म मान लिया है। जिसकी रिपोर्ट भी जल निगम को भेजी जा चुकी है।

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water tank - फोटो : अमर उजाला
केस-5
गंगानगर स्थित बीएसएनएल कॉलोनी में भी पानी की टंकी जर्जर हालत में है। निर्माण की तिथि के अनुसार टंकी तय उम्र पूरी हो चुकी है। यह टंकी कभी भी गिरकर हादसे का सबब बन सकती है।

केस-6
गढ़ रोड स्थित दामोदर कालोनी में बिल्डर ने पानी की टंकी बनवाई थी। कई साल पहले यह अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। कॉलोनी वासियों ने टंकी को गिराने के लिए नगर निगम व जलकल विभाग में शिकायत की हुई है।
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water tank - फोटो : अमर उजाला
पानी की टंकी बनाने और जर्जर टंकियों को गिराने का काम जलनिगम करता है। सभी जर्जर पानी की टंकियों की रिपोर्ट तैयार कर कई बार जल निगम को भेजी जा चुकी है। मामले में जल निगम अफसरों को ही कार्रवाई करनी है। - सुनील कुमार, अवर अभियंता, जलकल विभाग।
 
जलकल विभाग ने कोई पत्र नहीं भेजा है। वैसे भी अगर हम जर्जर टंकी गिराने का काम करा सकते हैं तो जलकल विभाग भी करा सकता है। ध्वस्तीकरण से पहले इसकी जांच आईआईटी के इंजीनियरों से करानी होगी। - रमेश चंद्र, परियोजना प्रबंधक जल निगम।

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