पहले भी हो चुकी मारपीट
जिला पंचायत का वर्तमान बोर्ड हर बैठक में विवादों से घिरा हुआ रहा है। निर्वाचित बोर्ड की पहली बैठक में निवर्तमान जिपं. अध्यक्ष सीमा प्रधान के साथ आए बाहरी लोगों ने न केवल बैठक में जमकर हंगामा काटा था, बल्कि बैठक में मौजूद विपक्षी सदस्यों के साथ जमकर मारपीट भी की थी। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी और सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान जिपं. अध्यक्ष थीं। इसके बाद लगभग सभी बैठकों में हंगामा हुआ और अहम बात ये रही कि बोर्ड बैठक में बाहरी लोगों का आना बंद नहीं हुआ।
जब साल 2017 में भाजपा सरकार आई तो अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के कुलविंदर सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए। लेकिन बैठक में बाहरी लोगों का आना पहले से ज्यादा बढ़ गया और हंगामा भी हर बैठक में हुआ। सदस्यों ने कई बार बाहरी लोगों के बैठक में मौजूद होने पर आपत्ति भी जताई। लेकिन आज तक इस पर कोई विचार नहीं किया गया।
आरोप पूरी तरह गलत
मारपीट की घटना कार्यालय परिसर के बाहर हुई। हमारे किसी आदमी का इसमें कोई रोल नहीं है। बल्कि मेरे पिता शोर सुनकर बाहर आए और सदस्य मनोज चौहान को कार्यालय में लेकर आए। इसके बाद उनकी जो कमीज फट गई थी, वह भी हमने ही बदलवाकर दी है। मेरे किसी आदमी ने कोई मारपीट नहीं की, आरोप पूरी तरह गलत हैं।
- कुलविंदर सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत
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