नगर निगम में हंगामा करते राज्यसभा सदस्य डॉक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेई
नगर निगम में गृहकर के बढ़े हुए बिलों और गड़बड़ियों को लेकर बड़ी संख्या में भवन स्वामी निगम कार्यालय पहुंच गए। लोगों ने गृहकर निर्धारण में त्रुटियों और बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की और हंगामा कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख निगम प्रशासन में भी अफरातफरी मच गई।
हंगामे की सूचना मिलने पर राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी नगर निगम पहुंचे और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से गृहकर से जुड़ी समस्या की जानकारी ली। इस दौरान निगम में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा हैं। राज्यसभा सदस्य ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता को गृहकर को लेकर परेशानी हो रही है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने राज्यसभा सदस्य को बताया कि नगर निगम द्वारा जारी किए गए गृहकर बिलों में मात्र चार प्रतिशत भवन स्वामियों द्वारा ही आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश मामलों में टैक्स निर्धारण नियमानुसार किया गया है, कुछ लोग जानबूझकर निगम की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि प्राप्त आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है।
इस दौरान भवन स्वामियों ने राज्यसभा सदस्य के सामने अपनी समस्या भी रखीं और टैक्स निर्धारण में पारदर्शिता की मांग की। लोगों का कहना है कि कई मामलों में भवन की श्रेणी, क्षेत्रफल और मनमानी तरीके से टैक्स बढ़ा दिया गया है। करीब एक घंटे तक निगम अधिकारियों से चर्चा और दस्तावेजों की जानकारी लेने के बाद राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने हाउस टैक्स के मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।