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UP: अन्नु के बाद रोहित यादव ने भी किया कमाल, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह

Fri, 22 Jul 2022 01:08 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

अन्नु रानी के बाद रोहित यादव ने भी कमाल कर दिया। उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है।
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नीरज चोपड़ा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ की बेटी अन्नु रानी के बाद रोहित यादव ने भी कमाल किया है। वहीं टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर से कमाल किया है। उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अमेरिका के यूगेन में चल रही प्रतियोगिता में नीरज ने अपने पहले ही प्रयास में 88.39 मीटर की दूरी तय की और फाइनल में जगह बनाई। 

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नीरज के अलावा भारत के रोहित यादव ने भी फाइनल में जगह बना ली है। रोहित ने 80.42 मीटर की दूरी तय की। इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रविवार को होगा। भारत की अन्नु रानी पहले ही महिला वर्ग के फाइनल में जगह बना चुकी हैं।

चोट के दर्द पर अन्नु का हौसला भारी, फाइनल में पदक की उम्मीद
घुटने में चोट के बावजूद मेरठ की बेटी अन्नु रानी ने विश्व एथलेटिक चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। 2019 दोहा विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार 59.60 मीटर भाला फेंककर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उनके गांव बहादपुर में लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। लोगों को उनके पदक की उम्मीद बढ़ गई है।
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उनके भाई उपेंद्र ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में अन्नु के घुटने में चोट लगी थी। इसका असर प्रदर्शन पर पड़ा था। मुंबई में कई महीनों तक इलाज कराया। अभी भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं है। मजबूत हौसले से वह विदेशी खिलाड़ियों को पछाड़ने में कामयाब हो रही है। अन्नु रेलवे में कार्यरत हैं और पटियाला में तैनात हैं। तीन बहनों व दो भाइयों में सबसे छोटी अन्नु को भाला फेंकने में बचपन से ही रुचि थी। उपेंद्र अपने समय के शानदार धावक रहे हैं। बड़े भाई को देखकर ही अन्नु की खेलों में रुचि बढ़ी। परिवार वाले उसे गुरुकुल प्रभात आश्रम ले गए। पिता अमरपाल सिंह और माता मुन्नी देवी ने उसका उत्साह बढ़ाया। अन्नु ने खेल के साथ ही श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज दबथुआ से 12वीं और गांव के डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

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गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी में सीखे गुर 
2009 में अन्नु ने आश्रम में प्रशिक्षण शुरू किया था। शुरुआत में डिस्कस थ्रो, शॉटपुट और भाला फेंक स्पर्धा को चुना। धीरे-धीरे भाले पर पकड़ मजबूत होती गई। शुरुआती प्रशिक्षक उनके पिता व बड़े भाई ही थे, लेकिन खेल जीवन में उतरने के बाद गुरुकुल के आचार्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण लिया। शुरुआत में भाला न होने के कारण बांस के भाले से अभ्यास करती थीं। पहला भाला अन्नु को आचार्य सरस्वती ने ही दिलवाया।

ये हैं उपलब्धियां
2014 में इंचियोन एशियाड में कांस्य पदक
2015 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक
2017 में एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक
आठ बार की राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर महिला एथलीट
2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रतिभाग
जैवलिन थ्रो में 60 मीटर की दूरी पार करने वाली देश की पहली महिला एथलीट
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