- कंकरखेड़ा के सैनिक विहार में नगर निगम ने रोबोट का किया ट्रायल
- महापौर, नगर आयुक्त ने भी कंप्यूटर स्क्रीन पर देखा रोबोट का काम
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महानगर में पेयजल नहीं आ रहा तो कहीं पर गंदा पानी पीकर महिलाएं और बच्चे बीमार हो रहे हैं। नगर निगम पेयजल की पाइप लाइन का लीकेज नहीं ढूंढ रही है। इसकी जानकारी अब रोबोट देगा। कंकरखेड़ा के सैनिक विहार में सोमवार को रोबोट का ट्रायल किया है। पेयजल की पाइपलाइन में रोबोट ने लीकेज भी बताया और गंदगी भी बताई।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया और नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने पाइप लाइन में चलता रोबोट कंप्यूटर की स्क्रीन पर देखा। महापौर का कहना कि गंदे पानी से समस्या से लोगों को निजात मिलेगी।
वार्ड-41 कंकरखेड़ा सैनिक विहार क्षेत्र में महानगर की पेयजल पाइपलाइन में आने वाले लीकेज का स्थल पता लगाने की नई तकनीक (रोबोट इंडो बोट मशीन) का ट्रायल नगर निगम और चेन्नई आईआईटी कंपनी ने किया है। सर्वप्रथम पाइपलाइन के अंतिम स्थल से लाइन तोड़कर कंपनी के कैमरा युक्त उपकरण को पाइपलाइन के अंदर प्रवेश कराकर जांच की गई। वीडियोग्राफी के माध्यम से कराई गई जांच में पाया गया कि पाइपलाइन के अंदर गंदगी जमी हुई है।
पाइपलाइन कई स्थल से क्षतिग्रस्त भी मिली। स्थानीय पार्षद सतीश प्रजापति ने बताया कि पेयजल पाइपलाइन विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 30 वर्ष पूर्व डाली गई थी। वहां पर कई सालों से घरों में गंदा पानी आ रहा है। लोगों ने बताया कि सीवर सिस्टम विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में है, जोकि अत्यंत ही दयनीय स्थिति में है। वहां पर हमेशा ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है।
प्रभारी महाप्रबंधक जल अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय को उपरोक्त क्षेत्र की पाइपलाइन नई डालने हेतु प्रस्ताव तैयार कर फंड की व्यवस्था होने पर कार्य कराए जाने की बात कही। महापौर ने सीवर सिस्टम के संबंध में सचिव विकास प्राधिकरण से वार्ता कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। महापौर और नगर आयुक्त का सैनिक विहार में निरीक्षण के दौरान एक कॉलोनी में बिजली व्यवस्था के लिए पोल लगवाने और कूड़ा उठाने की समस्या भी लोगों ने बताई।
महापौर द्वारा विद्युत विभाग के एसडीओ को पोल लगवाने एवं सफ़ाई सुपरवाइजर को पार्षद से समन्वय बनाकर सफाई कराने की बात कही। इस दौरान कंकरखेड़ा मंडल अध्यक्ष भाजपा अशोक सबलोक, सहायक अभियंता जलकल लक्ष्मण सिंह, सहायक अभियंता जलकल सुशील कुमार और कंपनी के पदाधिकारी मौजूद रहे ।
यह आ सकती है दिक्कत
रोबोट की कीमत करीब 25 लाख रुपया है। पेयजल की सीधी पाइप पाइन में ही रोबोट चल सकता है। महानगर में अधिकांश पेयजल की पाइप लाइन बहुत पुरानी है और सीधी भी नहीं है। गलियों में गंगाजल की पाइपलाइन बिछी हुई है। जिसके चलते रोबोट के चलने में परेशानी आना तय है। रोबोट की खरीद-फरोख्त से पहले नगर निगम और कंपनी के बीच मंथन चल रहा है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया है कि रोबोट अच्छा है, लेकिन जो भी समस्या है। उसको देखा जाएगा।
फीकल सलज और सेप्टिक टैंक की सफाई का लाइसेंस
फीकल सलज और सेप्टिक टैंक की सफाई के साथ मल को कमालपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर पहुंचाने के लिए लाइसेंस बनाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में अपर नगर आयुक्त ने रखा है। जिसको निगम के सदन ने पास कर दिया। अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय का कहना कि सेप्टिक टैंक का मल सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पर जाएगा, इसके अलावा नाले में मल को डालते मिला तो उन पर जुर्माना लगाने का प्रावाधान रखा है। सीवर लाइन की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।