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Meerut News: कांवड़ यात्रा के दौरान रोडवेज को 11 दिन में 6 करोड़ का घाटा

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बसें बंद करने और रूट डायवर्जन से उम्मीद से बहुत कम मिले यात्री
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मेरठ रीजन की बसों से प्रतिदिन हो रही थी एक करोड़ की आय
-निगम ने 50 फीसदी आय कम होने की आशंका जताई
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कांवड़ यात्रा के चलते मेरठ रीजन में रोडवेज बसों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया। एक अगस्त से मेरठ के प्रमुख रोडवेज बस अड्डों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किए जाने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई। इसका सीधा असर परिवहन निगम की आमदनी पर पड़ा। महज 11 दिनों में मेरठ रीजन की बसों से होने वाली आय में करीब छह करोड़ रुपये के फटके का अनुमान परिवहन निगम को है।
मेरठ रीजन में भैसाली, मेरठ, सोहराब गेट, गढ़मुक्तेश्वर और बड़ौत डिपो के बेडे मे 850 से अधिक बसें हैं। सामान्य दिनों में इन बसों से परिवहन निगम निगम को प्रतिदिन यात्री किराए से करीब एक करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा था लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान एक अगस्त से बसों के नियमित रूट और बस अड्डों के संचालन में बदलाव किया गया।
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भैसाली, मेरठ डिपो की बसों को सोहराबगेट डिपो में मर्ज कर दिया गया था। शामली और बड़ौत डिपो की बसों को एनएच- 58 से संचालित किया गया। दिल्ली, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, बागपत और गाजियाबाद की ओर जाने वाले मार्गों पर भी यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू कर दिया गया। बस अड्डों के स्थानांतरण का सबसे अधिक असर लंबी दूरी और स्थानीय रूटों की बस सेवाओं पर पड़ा। नियमित बस अड्डों से यात्री आसानी से बसों तक पहुंच जाते थे, लेकिन वैकल्पिक स्थानों पर बसों के संचालन से यात्रियों को परेशानी हुई। कई यात्रियों ने बसों के बजाय निजी वाहनों, ट्रेन आदि का सहारा लिया। इसके चलते रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घट गई।

इस तरह हुआ नुकसान
यात्रियों की घटती संख्या का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले सालों में कांवड़ के दौरान मेरठ से हरिद्वार के लिए 24 घंटे में 40 से अधिक बसों का संचालन होता था, लेकिन इस बार 20 से 25 बसें ही चलीं। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने 50 प्रतिशत के राजस्व में कमी बताई है यानी प्रतिदिन एक करोड़ होने वाली आय घटकर 50 लाख प्रतिदिन रह गई। इस तरह 11 दिन में करीब साढ़े पांच से छह करोड़ की आमदनी में गिरावट आई।
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वर्जन
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी का कहना है कि कांवड़ यात्रा में उम्मीद के मुताबिक यात्री नहीं मिल पाए। इस बार कई दिन पहले रास्ते बंद कर दिया। जिसके कारण सभी मार्गों पर रोडवेज बसें नहीं चलीं। इस वजह से निगम को प्रतिदिन 50 प्रतिशत राजस्व का नुकसान का अनुमान है।
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