उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि मणिपुर में बढ़ रहे संवैधानिक संकट पर संसद के दोनों सदनों में कोई चर्चा नहीं हुई और न ही देश के प्रधानमंत्री ने सदन की कार्यवाही में शामिल होकर अपना वक्तव्य दिया।
ये हैं प्रमुख मांगें
मणिपुर में सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए, जिसके द्वारा मणिपुर कांड की निष्पक्ष जांच हो सके।
मणिपुर में महिलाओं, आदिवासी, दलितों और गरीबों के साथ हो रहे उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए।
मणिपुर हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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